Ranchi: झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय के सभागार में पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने विधिवत् रूप से अपना कार्यभार संभाला। इस दौरान हजारों की संख्या में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं अन्य लोगों की मौजूदगी में सन्नी टोप्पो ने जब पदभार संभाला तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट तथा भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।

आदिवासी रीति रिवाज से किया गया पूजा अनुष्ठान

 

कार्यभार संभालने से पहले नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने आदिवासी रीति रिवाज के तहत अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश कार्यालय में प्रवेश का अनुष्ठान कराया। पूजा अनुष्ठान का निर्वहन समाज के पारंपरिक मुख्य पाहन जगलाल पाहन तथा शिबू पाहन के नेतृत्व में 11 पाहनों ने मुख्य रूप से प्रकृति की शक्ति, ग्राम देवता और ‘सरना माई’ की पूजा की तथा विधि विधान से कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष को प्रवेश कराया। पाहन-पुजार ने आदिवासी रीति-रिवाज के तहत शुभ कार्य के लिए डंडा कट्टना अनुष्ठान कराकर कार्यालय में प्रवेश कराया।

भाजपा ने बनाया अलग झारखंड, आदिवासियों की असली हितैषी भाजपा – बाबूलाल मरांडी

 

नेता प्रतिपक्ष सह झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पदग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि सन्नी टोप्पो जनजाति समाज के बीच भाजपा के संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे। उन्होंने सन्नी से आग्रह करते हुए कहा कि अपनी टीम का गठन आप राज्य में 35 जनजाति समाज को साथ लेकर करें। उन्होंने कहा कि समाज में कई समस्याऐं हैं जो हमारे लिए चुनौती है, यह चुनौती पारंपरिक नहीं है बल्कि कृत्रिम समस्या है। झामुमो और कांग्रेस के द्वारा वर्षो तक आदिवासी समाज को लूटा और ठगा गया है।

 

बाबूलाल मरांडी ने झामुमो और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड बहुत पहले ही अलग राज्य बन जाता लेकिन कांग्रेस ने पैसे के बल पर आंदोलन को खरीदने का काम किया तो वहीं झामुमो ने आन्दोलन को बेचने का काम किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कहा था कि केंद्र में हमारी जब कभी भी सरकार बनेगी तो हम अलग झारखंड राज्य देंगे और भाजपा की अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने अपना वादा निभाया। इससे समझा जा सकता है कि आदिवासी समाज का असली हितैषी कौन है ?

 

उन्होंने आदिवासियों एवम मूलवासियों की चिर परिचित मांग झारखंड़ अलग राज्य के गठन का श्रेय केंद्र की अटल बिहारी बाजपेयी जी को देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को सही मायने में अगर किसी ने सम्मान दिया है तो वह भाजपा है। यहां के लोगों की भावनाओं की किसी ने कद्र की तो वह भाजपा ने किया है।

 

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आजादी के बाद से कभी कोई आदिवासी देश के सर्वोच्च पद प्राप्त नहीं किया था लेकिन भाजपा सरकार ने जनजाति महिला को देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति बनाकर सम्मान दिया है। 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने की घोषणा भाजपा ने की और देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनजाति समाज के नेताओ के बारे में जानने का मौका आज देश को मिला है।

 

उन्होंने कहा कि झामुमो ने अफवाह फैलाया कि भाजपा आएगी तो आदिवासियों की जमीन छीनी जाएगी। भाजपा ने कभी जनजाति समाज की जमीन नहीं लूटी और न ही छीनी, चाहे बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा या चम्पई सोरेन की सरकार रही हो। लेकिन झामुमो की जब जब सरकार बनी है तब तब झामुमो के लोगों ने दुमका से लेकर रांची तक आदिवासियों की जमीन को लूटने का काम किया है। इस सरकार के संरक्षण में नगड़ी में आदिवासी समाज की भूमि पर जबरन रिम्स टू बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में यहां के आदिवासी समाज को वर्षो से विकास और कारखाने लगाने के नाम पर उजाड़ने का काम किया गया।

वहीं बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में घटती आदिवासी जनसंख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आदिवासी आबादी 35 प्रतिशत से घटकर 26 प्रतिशत में आ गई है। जबकि मुस्लिम आबादी 14 प्रतिशत बढ़ गयी है। इस घटती आबादी को चुनौती बताते हुए कहा कि आज अगर हम नहीं चेते तो जनजातियों की संख्या धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी। यह हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौती है।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने सन्नी टोप्पो से आग्रह करते हुए कहा कि आप अपने समाज को साथ लेकर चलें और कार्य का विस्तार करें। सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के विचारों का गांव गांव तक प्रसार करें। संगठन को गढ़ने का काम करें और आगे बढ़े। 2029 में भाजपा की राज्य में सरकार बनाने की दिशा में काम करें।

 

उन्होंने कहा कि देश के यशश्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को भव्य रूप से मनाने का आह्वान किया। उनके जन्मदिन 17 सितंबर को जनजाति समाज के हर घर में आशीर्वाद का दीया जलाकर आशीर्वाद देने तथा उनकी उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु जीवन की कामना करने का आह्वान किया।

 

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने कहा कि भाजपा समय-समय संगठन की मजबूती के लिए समाज के कर्मठ युवाओं को अवसर देती आयी है, इसके लिए उन्होंने केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के द्वारा सत्ता में आते ही अनुसूचित जनजाति समाज के उत्थान के लिए कई काम किए गए हैं। कई ऐसे काम आजाद भारत में हमारे समाज के लिए भाजपा के नेतृत्व में हुआ। इसके पहले किसी ने हमारी समाज के समस्याओं के समाधान के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा के द्वारा हमारे समाज के हित और कल्याण के लिए किए गए कामों को गांव-गांव जाकर लोगों को बताएं और 2029 की लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा को भारी बहुमत बिजयी बनावें।

 

समाज के मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप पार्टी के साथ साथ समाज को एकजुट और समृद्ध बनाने की दिशा में काम भी काम करें।

2029 के दोनों चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के लिए जनजाति समाज कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा : सन्नी टोप्पो

 

वहीं नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने पद ग्रहण समारोह को भावुक पल बताते हुए केंद्रीय नेतृत्व सह प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उंसके जैसे एक छोटे से कार्यकर्ता को संगठन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है यह मेरे लिए गर्व की बात है। सन्नी टोप्पो ने नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज वे हमारे समाज की उत्थान के लिए हमेशा चिंतित रहते हैं। कैसे समाज के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, कैसे उनका राजनीतिक, शैक्षणिक, समाजिक और आर्थिक उत्थान हो, इसकी हमेशा चिंता करते हैं। नरेंद्र मोदी ने समाज के अगुवा और महापुरुषों को मान सम्मान दिलाने का काम किये हैं उसके लिए अनुसुचित जनजाति समाज ऋणी है।

 

उन्होंने कहा कि पार्टी और संगठन के साथ-साथ हमारे समाज की पारम्परिक रीति रिवाज को सुरक्षित और संरक्षित रखने की भी जरूरत है। हमारे जल, जंगल, जमीन को आज लूटा जा रहा है। उसे भी बचाना हमारी ही जिम्मेदारी है।

 

उन्होंने कहा कि 2029 की आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को विजय दिलाने के लिए जनजाति समाज कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा।

 

मंच का संचालन विंदेश्वर उरांव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन रवि मुंडा ने किया।

 

इस पदभार ग्रहण समारोह में प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय,सुनील सोरेन, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, मुनेश्वर साहू, अशोक बड़ाइक, आरती कुजूर,रामकुमार पाहन, गंगोत्री कुजूर, रमेश सिंह, मुख्य पाहन जगलाल पाहन, संजय सरदार, शकुंतला उरांव, पिंकी खोया, अनु लकड़ा, रानी बोन्दया, सुखमनी हेमरोम, मंजू खेरवार, शांति टोप्पो, बिजय गोंद, काजू सांडिल, अर्जुन मुंडा सहित हज़ारो की संख्या में जनजाति समाज के लोग एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

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