Ranchi भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों एवं विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के दौरान झारखंड के जनजातीय समाज, संस्कृति एवं विरासत के सम्मान, संरक्षण और विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए एक राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। पारित इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकारों, कल्याण और विकास के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जनजातीय समाज के सम्मान, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और विकास से जुड़े विषयों पर आधारित प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक पूर्णिमा साहू ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके बाद बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दोनों हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इस पर मुहर लगा दी। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री सह “सेवा एवं नेतृत्व” कार्यक्रम के संयोजक अमर कुमार बाउरी ने की।
पूर्व की सरकारों ने गरीबों-वंचितों की पीड़ा को नहीं समझा, मोदी ने सेवा और संवेदना के साथ उनके जीवन में लाया बदलाव : आदित्य साहू

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि देश के गरीबों, वंचितों और जनजातीय समाज की पीड़ा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस संवेदनशीलता के साथ समझा है, वह उनके जनसेवा के संकल्प को दर्शाता है। आजादी के बाद लंबे समय तक जनजातीय समाज बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के पर्याप्त अवसरों से वंचित रहा, पूर्व की सरकारों ने इनकी लगातार अनदेखी की। लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को प्राथमिकता देने के लिए अनेक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के लिए गरीबों और वंचितों की सेवा केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने तक, उनका जोर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर रहा है। नरेन्द्र मोदी 2001 से अनवरत सेवाभाव से देश की सेवा में जुटे हुए हैं।
आदित्य साहू ने कहा कि गरीब की पीड़ा को समझना, वंचित को अधिकार दिलाना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही जनसेवा का वास्तविक अर्थ है। नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन इसी संकल्प के प्रति समर्पित रहा है।
झारखंड के सर्वांगीण विकास के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा, जनजातीय गौरव और विरासत का संरक्षण जरूरी – गजेन्द्र सिंह पटेल

भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि झारखंड के सर्वांगीण विकास के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। झारखंड केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य नहीं है, बल्कि यह जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, संघर्ष और बलिदान की ऐतिहासिक भूमि भी है। जब तक झारखंड का जनजातीय समाज, गरीब, वंचित और ग्रामीण क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में पूरी तरह सहभागी नहीं बनेंगे, तब तक विकसित भारत का संकल्प अधूरा रहेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए आर्थिक संपन्नता, सामाजिक समरसता, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण चार महत्वपूर्ण आधार हैं। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब झारखंड आर्थिक रूप से समृद्ध, सामाजिक रूप से समरस, सुरक्षित और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरवपूर्ण बनेगा। झारखंड का विकास केवल एक राज्य का विकास नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला है। जनजातीय गौरव, आर्थिक संपन्नता, सामाजिक समरसता, सुरक्षा और विरासत का संरक्षण-इन्हीं संकल्पों के साथ विकसित भारत का सपना साकार होगा।
उन्होंने कहा कि आर्थिक संपन्नता का अर्थ है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचें, युवाओं को रोजगार मिले, किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़े तथा जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो। सामाजिक समरसता का अर्थ है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और समान अवसर मिले। सुरक्षा का अर्थ है कि लोग भयमुक्त वातावरण में जीवन व्यतीत करें और विकास की गतिविधियां निर्बाध रूप से आगे बढ़े। वहीं, विरासत का संरक्षण हमारी पहचान, संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का दायित्व है।
पटेल ने कहा कि जनजातीय समाज की पुरानी रीति-रिवाज, लोक परंपराएं, भाषा, लोककला, पर्व-त्योहार और प्रकृति के साथ जुड़ी जीवनशैली भारत की सांस्कृतिक विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। विकास का अर्थ अपनी जड़ों से कटना नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं और अवसरों से जुड़ना है। झारखंड की जनजातीय विरासत को संरक्षित करना पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करना है।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जनजातीय स्वाभिमान, स्वतंत्रता, जल-जंगल-जमीन के अधिकार और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनकी विरासत आज भी झारखंड और पूरे देश के लिए प्रेरणा है। बिरसा मुंडा ने अपने संघर्ष से यह संदेश दिया कि समाज की पहचान, अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने तथा उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों ने इस ऐतिहासिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाई है। भाजपा का प्रयास है कि जनजातीय समाज को विकास के पर्याप्त अवसर मिलें, भगवान बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों के आदर्श जन-जन तक पहुंचें और झारखंड अपनी विशिष्ट पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।
सेवा, सुशासन और संकल्प के 25 वर्ष, मोदी है तो मुमकिन है : बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का प्रेरणादायी एवं अनुपम उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का संदेश स्पष्ट है कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना होना चाहिए। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बुनियादी ढांचे, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम देखे हैं। हम सभी इन प्रयासों और योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाते हुए सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय जिन कार्यों को असंभव माना जाता था, आज वे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुए हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा ऐतिहासिक विषय है। देश में आधुनिक सड़कों, राजमार्गों, पुल-पुलियों और संपर्क सुविधाओं के विस्तार ने विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देवघर एम्स की स्थापना और संचालन की दिशा में हुई प्रगति ने संताल परगना सहित आसपास के क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद को मजबूत किया है। ये उपलब्धियां बताती हैं कि स्पष्ट संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। इसीलिए देश में ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का विश्वास मजबूत हुआ है। ‘मोदी है तो मुमकिन है’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि बड़े लक्ष्यों को संकल्प, इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों के माध्यम से हासिल करने के विश्वास का प्रतीक है। सेवा संकल्प अभियान इसी विश्वास को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। आतंकवाद पर भी भारत आज दुश्मन देशों से आंखों में आंखें डालकर बात करता है। देश में अमन-चैन, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास का वातावरण बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जनजातीय समाज के सम्मान और उसकी भाषायी – सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना भी देश के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। संथाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से लेकर उसके साहित्य, संस्कृति और पहचान को आगे बढ़ाने के प्रयासों तक, इन विषयों का अपना ऐतिहासिक महत्व है।
बैठक में पारित प्रस्ताव के मुख्य बिन्दु
इस दौरान झारखंड प्रदेश कमिटी एवं समस्त जनप्रतिनिधि द्वारा झारखंड की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को सम्मान देने तथा जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किए गए प्रयासों की सराहना की गई। प्रस्ताव में झारखंड के जनजातीय समाज की पहचान, परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी गई है। प्रदेश कमिटी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा और झारखंड के अन्य जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान देने, जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना और रांची में स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय जैसे प्रयासों के माध्यम से जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को संरक्षित करने के लिए भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा की गई।

इस बैठक में प्रस्ताव के माध्यम से जनजातीय समाज के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के विषयों पर पार्टी का दृष्टिकोण सामने रखा गया। प्रस्ताव के संदर्भ में भगवान बिरसा मुंडा सहित जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान, जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि झारखंड की पहचान यहां के जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, प्राकृतिक विरासत और ऐतिहासिक योगदान से जुड़ी हुई है। जनजातीय समाज ने देश की स्वतंत्रता, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय महापुरुषों का संघर्ष और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है।
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयासों, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने, जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने तथा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया गया।
भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू में प्रधानमंत्री के दौरे, 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने तथा रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय को जनजातीय इतिहास और स्वतंत्रता संघर्ष की विरासत से जोड़कर देखा गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जनजातीय समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी भाषा, लोककला, लोकगीत, पारंपरिक ज्ञान, रीति-रिवाज, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी विकास की प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रस्ताव में जनजातीय युवाओं के लिए शिक्षा एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, वन उपज आधारित आजीविका को प्रोत्साहित करने तथा जनजातीय बहुल क्षेत्रों में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
भाजपा प्रदेश कमिटी ने जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के साथ झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया। प्रस्ताव में जनजातीय समाज की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और केंद्र एवं राज्य की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता रेखांकित की गई।
प्रस्ताव में पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को जनजातीय एवं ग्रामीण समाज के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम सहित झारखंड के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार तथा विरासत के संरक्षण को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया।
झारखंड प्रदेश कमिटी एवं समस्त जनप्रतिनिधि द्वारा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के संकल्प के साथ झारखंड के जनजातीय समाज के विकास, सम्मान और विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
कहा गया कि जनजातीय विरासत का संरक्षण केवल परंपराओं और स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करना भी इसका अभिन्न हिस्सा है। पार्टी ने विश्वास जताया कि जनजातीय समाज की शक्ति, संस्कृति और युवा ऊर्जा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अन्य तीन बैठकों में शामिल हुए प्रदेश प्रभारी, दिया आवश्यक मार्गदर्शन
इसके अलावा प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल पार्टी कार्यालय में आयोजित तीन अन्य बैठक में भी शामिल हुए। इनमें पहली बैठक पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी एवं विभिन्न मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों की संयुक्त बैठक रही। दूसरी बैठक प्रदेश कार्यालय प्रबंधन समिति, प्रदेश भवन निर्माण समिति, प्रदेश कार्यालय मंत्री, कार्यालय सह-मंत्री, राजनीतिक कार्यक्रम एवं बैठक प्रबंधन विभाग के प्रदेश संयोजक, अध्यक्षीय कार्यालय प्रवास के प्रदेश संयोजक की संयुक्त बैठक हुई। जबकि तीसरी बैठक पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता, मीडिया विभाग, सोशल मीडिया, आईटी सेल की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। सभी बैठकों में एक एक परिचय लेने के बाद प्रदेश प्रभारी द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
संपन्न विभिन्न बैठकों में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू, गीता कोड़ा, महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह, सांसद बीडी राम, ढुल्लू महतो, विधायक सीपी सिंह, नवीन जयसवाल, मनोज यादव, सतेन्द्र नाथ तिवारी, प्रकाश राम, राज सिन्हा, रोशन लाल चौधरी, आलोक चौरसिया, शत्रुघ्न महतो, पूर्णिमा साहू, कुमार उज्जवल, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेंद्र सिंह, सरोज सिंह, सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव, शालिनी बैसिखियार, दीपक बंका, कार्यालय मंत्री हेमन्त दास, सूरज चौरसिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, विकास प्रीतम, सोशल मीडिया प्रभारी राहुल अवस्थी, सीमा सिंह, मनोज महतो वाजपेयी, शशांक राज, सन्नी टोप्पो, अर्जुन सिंह, रंजय भारती, ताजदार आलम, अजय साह, मृत्युंजय शर्मा, अमित मंडल, रणधीर सिंह, संदीप वर्मा, अशोक बड़ाईक, अजय राय, सतीश सिन्हा, तारिक इमरान, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, प्रकाश सिंह, मुकेश निरंजन सिन्हा आदि भी उपस्थित रहे।
