Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे उसके माता-पिता के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि न्याय की मांग कर रहे पीड़ित परिवार को ही कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, तो यह लोकतंत्र, संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था के प्रति सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था पर विश्वास का सवाल है। किसी भी पीड़ित परिवार की आवाज को दबाने के बजाय उसकी शिकायतों को गंभीरता से सुनना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता यदि अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे हैं, तो उनकी मांगों का जवाब कार्रवाई से नहीं, बल्कि पारदर्शी जांच और न्यायिक प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए। न्याय मांगने वालों को डराने या उनकी आवाज दबाने के आरोपों से सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
कांग्रेस महासचिव ने भाजपा नेतृत्व से सवाल किया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े तमाम सवालों का निष्पक्ष जवाब देने के बजाय विवादों को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो जांच का दायरा कानून और साक्ष्यों के आधार पर तय होना चाहिए। किसी को राजनीतिक प्रभाव के कारण संरक्षण मिलने का संदेह भी निष्पक्ष जांच से ही दूर हो सकता है।
आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा अंकिता के परिवार के समर्थन में उठाई गई आवाज का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस इस न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए और उसके माता-पिता को अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांगने का पूरा अधिकार है। न्याय की लड़ाई लंबी हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से अपील की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों और उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि दुष्यंत गौतम से जुड़े आरोपों की जांच पूरी होने तक उनकी प्रस्तावित राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाने के अनुरोध पर गंभीरता से विचार किया जाए। किसी भी सार्वजनिक पद पर नियुक्ति को लेकर उठने वाले गंभीर सवालों का समाधान पारदर्शिता और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच के लिए वह क्या कदम उठा रही है। यदि सरकार निर्दोष है और किसी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है, तो उसे जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता की ताकत से बड़ी जनता की आवाज और कानून की ताकत होती है। किसी भी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई को राजनीतिक दबाव में कमजोर नहीं पड़ने दिया जाना चाहिए।
आलोक कुमार दूबे ने स्पष्ट कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग जारी रहेगी। कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तथा न्याय सुनिश्चित होने तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
