Ranchi: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने पेट्रोल-डीज़ल पर उत्पाद शुल्क घटाने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यह पूरी तरह जनता को गुमराह करने और भ्रम फैलाने की राजनीतिक चालाकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ बड़े-बड़े विज्ञापन देकर यह प्रचार कर रही है कि पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स घटाया गया है, लेकिन दूसरी तरफ खुद अपनी अधिसूचना में साफ लिख रही है कि पेट्रोल पंपों पर कीमतें कम नहीं होंगी। यानी सरकार की मंशा जनता को राहत देना नहीं, बल्कि तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई करना है।
आलोक दूबे ने कहा कि देश की जनता पहले से महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से त्रस्त है। पेट्रोल-डीज़ल के दाम कम नहीं होने का सीधा असर परिवहन, खाद्य सामग्री, सब्ज़ी, दवा और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ेगा। ऐसे में टैक्स घटाने का नाटक कर सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में जनता के हित में काम कर रही होती तो टैक्स कटौती का सीधा लाभ आम लोगों को मिलता। लेकिन यहां तो सरकार खुद स्वीकार कर रही है कि राहत तेल कंपनियों को दी जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं तब सरकार टैक्स बढ़ाकर मुनाफा कमाती है, लेकिन जब कीमतें बढ़ती हैं तब जनता को राहत देने की बजाय कंपनियों को बचाने में जुट जाती है।
आलोक दूबे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लगातार झूठे प्रचार और भ्रम की राजनीति कर रही है। जनता अब समझ चुकी है कि “टैक्स घटाने” का यह फैसला सिर्फ हेडलाइन मैनेजमेंट है, आम लोगों को राहत देने का नहीं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में तत्काल कमी कर जनता को वास्तविक राहत दी जाए, अन्यथा देशभर में आम जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।
