Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से राज्यभर के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल डीजल की क़िल्लत पर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की जिम्मेवारी केंद्र सरकार की है लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों की विफलता के कारण राज्य भर के विभिन्न हिस्सों में स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भरने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है।पेट्रोल पंप खाली होने के कारण मोटरसाइकिल ,कार, ट्रक और अन्य वाहनों में पेट्रोल डीजल भरने में कठिनाई हो रही है। पेट्रोल डीजल लेने के लिए कई पेट्रोल पर लंबी लाइन लग रही है। जिसके कारण लोगों में भारी आक्रोश हैं।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के पास न तो कोई विजन है और न ही जनता का समर्थन। झारखंड में सत्ता से बेदखल होने के बाद भाजपा नेता छटपटाहट में केवल भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा कह रही है कि उसे सरकार पर भरोसा नहीं है, लेकिन सच यह है कि झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर पूरा भरोसा है। भाजपा का भरोसा टूटना स्वाभाविक है क्योंकि हमने उनकी 17 साल की जनविरोधी नीतियों का अंत किया है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा किसानों की चिंता का ढोंग करने वाली भाजपा बताए कि केंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के वादे का क्या किया? हमारी सरकार ने विपरीत परिस्थितियों और कोरोना काल के बावजूद किसानों का ऋण माफ किया और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा। भाजपा केवल चुनावी गिद्ध की तरह आपदा में अवसर तलाशती है।
कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा एसआईआर और मतदाता सूची की विसंगतियों पर भाजपा की सजगता असल में उनका डर है। भाजपा हमेशा पिछले दरवाजे से राजनीति करने की कोशिश करती है, लेकिन जनता की जागरूकता उनके किसी भी मंसूबे को सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि 15 से 20 मई तक प्रखंडों में धरने का निर्णय केवल एक राजनीतिक नौटंकी है। भाजपा के पास मुद्दों का अकाल है, इसलिए वे वादाखिलाफी का झूठा अलाप जप रहे हैं। जबकि हकीकत में हमारी सरकार ने पुरानी पेंशन योजना, मइया सम्मान योजना और सरना धर्म कोड जैसे ऐतिहासिक फैसलों से राज्य की अस्मिता को सुरक्षित किया है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि आदित्य साहू और भाजपा के तमाम बड़े नेता चाहे जितनी बैठकें कर लें, झारखंड की जनता भाजपा के विभाजनकारी चरित्र को पहचान चुकी है। भाजपा एक जागरूक दल नहीं, बल्कि एक विफल विपक्ष की भूमिका निभा रही है जिसे जनता आने वाले चुनावों में फिर से आईना दिखाएगी।
