Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि कक्षा नौवीं के पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की ओर से आपातकाल के विषय को जोड़ने का मकसद शिक्षा का सिर्फ राजनीतिकरण करना है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पाठ्यक्रम को केवल राजनीतिक कारणों से और इतिहास को मोड़ने के इरादे से बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ऐसे बदलाव संवैधानिक मूल्यों पर हमला हैं और एनसीईआरटी की यह कदम विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देता है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि 50 साल पुरानी बात को कुरेदने से पहले वर्तमान सरकार को अपने शासनकाल को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश पिछले एक दशक से अधिक समय से अघोषित आपातकाल के दौर से गुजर रहा है। यदि आपातकाल को पढ़ाया जाना है, तो छात्रों को उस समय की परिस्थितियों और पूरे संदर्भ के साथ पूरी सच्चाई बताई जानी चाहिए।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक विचारधारा और फैसलों के आधार पर पाठ्यक्रम बदलने की नीति के बिल्कुल पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जैसा जो शिक्षा मंत्री पेपर लीक जैसी समस्याओं को नहीं रोक पा रहा, वहां बेहतर पाठ्यक्रम की क्या उम्मीद की जा सकती है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि क्या एनसीईआरटी को यह याद है कि देश की आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब इन सभी नामों पर भी बहस होगी और बचपन से पढ़ाया गया भारतीय इतिहास बदल दिया जाएगा।
