Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव, सह,मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद स्वास्थ्य विभाग में घोटाले का आरोपी है उसे दूसरे को नसीहत देने से बचना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि गठबंधन सरकार वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, रांची में 4000 करोड रुपए से अधिक की लागत से पूर्वी भारत में सबसे बड़े सरकारी अस्पताल स्थापना की दिशा में कदम बढ़ा रही है ,लेकिन स्वास्थ्य जैसे मामलों में भी भाजपा नेताओं को सिर्फ राजनीति नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कामकाज पर उस व्यक्ति द्वारा आरोप लगाया जा रहा है जिनके कार्यकाल में झारखंड में कई बड़े घोटाले हुए और भाजपा नेताओं की ओर से उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है ।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि झारखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है इसके तहत राज्य के छोटे प्रखंडों में बीडीओ या सीओ में से एक ही अधिकारी को विकास और राजस्व सेवा की जिम्मेदारी दी जाएगी। नई व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेता को यह जानना चाहिए कि झारखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी दोनों ही झारखंड प्रशासनिक सेवा से चयनित होकर आते हैं। ऐसे में झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण को लेकर सवाल उठाना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड प्रशासनिक सेवा से आने वाले कई अधिकारी एसडीओ से लेकर डीसी तक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवा देते हैं ।ऐसे में इन अधिकारियों की क्षमता पर सवाल उठाना कहीं से भी उचित नहीं है ।
गठबंधन सरकार में एकजुटता के सवाल पर लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा की ओर से सरकार को अस्थिर करने की कई तरह से कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद सरकार की सेहत पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।
