Ranchi: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह कंफ्यूज है। पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से लेकर भाजपा के तमाम नेता JPSC, JSSC – CGL की परीक्षाओं को स्थगित करने की गला फाड़ कर मांग कर रही थी और अब भाजपा के प्रवक्ता सफल अभ्यर्थियों के भविष्य की चिंता जता रहे हैं। आखिर भाजपा अपना स्टैंड स्पष्ट करे कि वह चाहती क्या है?
आलोक दूबे ने कहा कि जब भाजपा के नेता रांची से लेकर दिल्ली तक लगातार परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे थे, तब क्या उन्हें सफल अभ्यर्थियों के भविष्य की चिंता नहीं थी? अब जब सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रही है, तो भाजपा को सरकार के खिलाफ बयान देने की बेचैनी क्यों है? छात्रों और युवाओं के समस्याओं के समाधान से ज्यादा उसे सरकार के खिलाफ करने में ज्यादा दिलचस्पी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता को छात्रों के भविष्य पर राजनीति करने के बजाय यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी का वास्तविक रुख क्या है। एक तरफ परीक्षा स्थगित करने की मांग और दूसरी तरफ सफल अभ्यर्थियों के भविष्य की चिंता—यह विरोधाभास भाजपा के राजनीतिक दोहरे चरित्र व कंफ्यूजन को उजागर करता है।
आलोक दूबे ने कहा कि छात्रों और अभ्यर्थियों के हित में सरकार जो भी आवश्यक कदम उठा रही है, उसका कांग्रेस स्वागत करती है। लेकिन दूसरी तरफ छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश भाजपा को बंद करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC की परीक्षाओं से जुड़े मामलों में सरकार को पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ना चाहिए, दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और जिन अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए। कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और उनके न्याय एवं भविष्य के लिए हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।
