Ranchi: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार के एमएमडीआर कानून के खिलाफ कांग्रेस पार्टी व्यापक आंदोलन की तैयारी कर रही है। इस आंदोलन की रणनीति को लेकर 18 अगस्त को पुराने विधानसभा परिसर में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू की उपस्थिति में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक इस कानून का पुरजोर विरोध करेगी।
आलोक दूबे ने कहा कि 2018 में भी तत्कालीन रघुवर दास सरकार ने वन अधिकार कानून में बदलाव की कोशिश की थी। उस समय कांग्रेस पार्टी ने व्यापक जनआंदोलन और दबाव के माध्यम से इसका विरोध किया था और सरकार को अपने कदम से पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इसी तरह केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि के तीन काले कानूनों के खिलाफ किसानों और कांग्रेस पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन चलाया था, जिसके व्यापक दबाव के बाद केंद्र सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा।
उन्होंने कहा कि एमएमडीआर कानून से केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई खनिज संपदा वाले राज्य प्रभावित होंगे। इसलिए कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रभावित राज्यों को साथ लेकर मुखर विरोध करेगी।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि एमएमडीआर कानून के खिलाफ झारखंड में बन रहे व्यापक जनविरोध का असर साफ दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि झारखंड के भाजपा नेताओं को केंद्रीय गृह मंत्री ने तलब किया। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार को भी इस कानून को लेकर राज्यों और जनता के बीच बढ़ते विरोध का एहसास हो गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। एमएमडीआर कानून के खिलाफ आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और जनता को इसके प्रावधानों तथा झारखंड पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों से अवगत कराया जाएगा।
