Ranchi : JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता और छात्रों पर दर्ज FIR को लेकर भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के नाम पर राजनीति करने के बजाय पहले अपने 20 साल के शासनकाल का छात्र एवं रोजगार रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखे।
आलोक दूबे ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। JPSC-JSSC से जुड़े मामलों में CID जांच की प्रक्रिया चल रही है और भर्ती एवं परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक reforms की प्रक्रिया भी जारी है। जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी और जहां किसी निर्दोष छात्र के साथ अन्याय हुआ है, वहां न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए उसने कितनी सरकारी नौकरियां दीं, कितनी नियुक्तियां समय पर हुईं और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कितने मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की।
CBI जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि “CBI कोई राजनीतिक जादू की छड़ी नहीं है।” जांच किसी सक्षम और निष्पक्ष एजेंसी से हो, लेकिन उद्देश्य दोषियों तक पहुंचना होना चाहिए। भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि अपने शासनकाल में भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कितने मामलों की CBI जांच कराई गई।
आलोक दूबे ने कहा कि दिल्ली से लेकर भाजपा शासित राज्यों और पड़ोसी बिहार तक छात्रों के आंदोलनों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई भी देश की जनता देख रही है। ऐसे में झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर भाजपा का अचानक मुखर होना राजनीतिक अवसरवाद है।
उन्होंने कहा, “48 घंटे का अल्टीमेटम देने के बजाय भाजपा अपना 20 साल का रिपोर्ट कार्ड जारी करे। झारखंड के युवा नारे नहीं, पारदर्शी परीक्षा, समयबद्ध नियुक्ति और रोजगार चाहते हैं।”
