रांची / नई दिल्ली : झारखंड कांग्रेस में प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू की बहाली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निलंबन के महज 15 दिन बाद उनकी वापसी तो ठीक है लेकिन उनके उपाध्यक्ष पद को लेकर अब AICC ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के AICC प्रभारी और CWC के स्थायी आमंत्रित सदस्य के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को कड़ा पत्र लिखकर पत्र संख्या 431/09/2026 दिनांक 14.09.2026 पर रोक लगाने को कहा है।
आपको बता दें कि इसी पत्र के माध्यम से अभिलाष साहू की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर बहाली की अधिसूचना जारी की गई थी। निलंबन वापसी के बाद सोमवार को कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत भी किया था।
क्या है पूरा मामला
पिछले महीने इरबा में सड़क जाम के दौरान एक वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कार्रवाई की थी। इस मामले में अभिलाष साहू के साथ को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र सिंह को भी 29 अगस्त को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया था। अभिलाष साहू ने अपनी सफाई में वायरल वीडियो में सुनाई दे रही आवाज को अपनी आवाज मानने से इनकार किया था और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
अनुशासन समिति में सुनवाई के बाद प्रदेश नेतृत्व ने उनका निलंबन रद्द कर उपाध्यक्ष पद पर बहाल कर दिया, लेकिन अब AICC प्रभारी ने इसी पर ब्रेक लगा दिया है।
के. राजू ने पत्र में क्या लिखा? – दो बड़ी मांगें
के. राजू ने अपने पत्र में लिखा है कि अभिलाष साहू के विरुद्ध की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित जांच प्रतिवेदन का परीक्षण अभी भी लंबित है। इस रिपोर्ट से ही तय होगा कि उनके द्वारा किए गए कृत्य और उन्हें दिए गए दंड के बीच उचित अनुपात एवं न्यायसंगतता है या नहीं।
दो बिंदुओं पर कार्रवाई उचित बताया है, विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब हो
अनुशासन समिति को निर्देशित किया जाए कि वह अभिलाष साहू की कथित वीडियो बनाने एवं उसे सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने में उनकी व्यक्तिगत भूमिका, समिति के समक्ष उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण तथा सार्वजनिक मंच पर उनके द्वारा दिए गए वक्तव्यों का विस्तृत परीक्षण करे। साथ ही, उनके सार्वजनिक आचरण एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से संबंधित तथ्यों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाए।
रिपोर्ट आने तक पद स्थगित रहे
अनुशासन समिति की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने तथा उसके परीक्षण के उपरांत ही अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियों के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाना न्यायसंगत होगा। अतः रिपोर्ट प्राप्त होने तक उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक दायित्व को स्थगित रखा जाना उचित होगा।
बढ़ सकती है गुटबाजी
अभिलाष साहू झारखंड कांग्रेस के OBC विभाग के चेयरमैन भी हैं और नई प्रदेश कमेटी के गठन के लिए केशव महतो के साथ दिल्ली भी गए थे। ऐसे में AICC प्रभारी के इस पत्र के बाद प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी तेज होने की आशंका है। अब देखना होगा कि प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो इस पत्र के बाद क्या निर्णय लेते हैं।
