Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने Special Intensive Revision (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि एसआईआर की आड़ में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और नागरिकों के अधिकारों पर बढ़ता हमला भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली से अब पूरे देश की जनता अवगत हो चुकी है और पूरे देश में उनके खिलाफ आक्रोश का माहौल है। कांग्रेस पार्टी इसे लेकर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
SIR पारदर्शी हो, दमन का हथियार नहीं – लाल किशोर नाथ
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने रांची में प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि किसी भी प्रशासनिक सुधार या डिजिटल पहचान की प्रक्रिया पारदर्शी और संविधान के दायरे में होनी चाहिए, न कि आम जनता और राजनीतिक विपक्ष को दबाने का माध्यम।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र का आधार नागरिकों का विश्वास, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष व्यवस्था है। जब बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के ऐसी प्रक्रियाओं को थोपा जाता है, तो इससे समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकारों के हनन का खतरा पैदा होता है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र के मूल मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
शाहदेव ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया में पारदर्शिता का घोर अभाव है। बिना जनता को विश्वास में लिए, बिना राजनीतिक दलों से संवाद किए इसे लागू करने की कोशिश की जा रही है, जो सीधे तौर पर संविधान की भावना के खिलाफ है।
CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना
कांग्रेस महासचिव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“आज ज्ञानेश कुमार जी की कार्यशैली से पूरा देश अवगत हो चुका है। वोट चोरी, मतदाता सूची में गड़बड़ी, विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश – इन सबको लेकर देशभर में आक्रोश है। दिल्ली में वकीलों द्वारा FIR की मांग, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन, मुंबई में आंदोलन, ये सब इसी आक्रोश का नतीजा है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने याद दिलाया कि हाल में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के अंदर भी SIR को लेकर 14 बार सवाल उठे थे, लेकिन उन्हें दबा दिया गया।
तकनीक जनता की सेवा के लिए, अधिकार छीनने के लिए नहीं
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से मानती है कि तकनीक और नीतियां जनता की सेवा और सहूलियत के लिए होनी चाहिए, न कि उनके संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने के लिए।
उन्होंने कहा, “अगर SIR वाकई सुधार है तो सरकार को बताना चाहिए कि इसका डेटा कहां जाएगा, इसकी सुरक्षा क्या है, इससे गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग के अंतिम व्यक्ति पर क्या असर पड़ेगा। बिना इन सवालों के जवाब दिए इसे थोपना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करना है।”
जनता से सजग रहने की अपील
अंत में कांग्रेस महासचिव ने आम नागरिकों से भी अपील की कि सभी लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास के खिलाफ सजग रहें।
“कांग्रेस पार्टी हर नागरिक के मौलिक अधिकारों, स्वाभिमान और लोकतंत्र के स्तंभों को अक्षुण्ण रखने के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी। हम सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज उठा रहे हैं और उठाते रहेंगे। SIR के नाम पर किसी भी तरह की वोटबंदी या अधिकारों में कटौती को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे,” उन्होंने कहा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से SIR को लेकर देशभर में सियासत गरम है। विपक्ष इसे वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश बता रहा है, वहीं चुनाव आयोग इसे शुद्धिकरण की प्रक्रिया बता रहा है।
