Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे और डॉ. राजेश गुप्ता छोटू ने आज पूर्वाह्न मोरहाबादी स्थित दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के आवास पहुंचकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी स्वर्गीय रूपी सोरेन जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। दोनों नेताओं ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि रूपी सोरेन जी का निधन केवल सोरेन परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। झारखंड ने आज एक समर्पित, संघर्षशील और ममतामयी महिला को खो दिया है।

उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन जी का जीवन त्याग, संघर्ष और समर्पण की जीवंत मिसाल रहा है। जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी अलग झारखंड राज्य के लिए जंगल-जंगल, गांव-गांव घूमकर आंदोलन को धार दे रहे थे, पुलिस के दमन और संघर्ष के कठिन दौर में पूरा परिवार संकट में था, उस समय रूपी सोरेन जी ने एक चट्टान की तरह परिवार को संभाले रखा। उन्होंने पति के हर संघर्ष में मजबूती से खड़ी रहकर परिवार और आंदोलन दोनों को संबल प्रदान किया।
आलोक दूबे ने कहा कि झारखंड आंदोलन का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, तो शिबू सोरेन जी के साथ रूपी सोरेन जी के त्याग और योगदान को भी सुनहरे अक्षरों में याद किया जाएगा। अलग राज्य आंदोलन के कठिन दौर से लेकर झारखंड राज्य निर्माण और उसके बाद के राजनीतिक सफर तक, उन्होंने परदे के पीछे रहकर जो भूमिका निभाई, उसे झारखंड कभी भूल नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन जी ने एक संघर्षशील परिवार को मजबूती देने के साथ-साथ झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में भी अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। वे सादगी, ममता और संस्कार की प्रतिमूर्ति थीं। सत्ता, पद और प्रतिष्ठा से दूर रहकर भी उन्होंने जो संस्कार अपने पुत्रों हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन और पूरे परिवार को दिए, उसी का परिणाम है कि आज सोरेन परिवार झारखंड की सेवा में समर्पित है।
डॉ. राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि रूपी सोरेन जी एक आदर्श भारतीय नारी थीं। उन्होंने जीवन भर अपने परिवार के लिए जिया और समाज के लिए प्रेरणा बनीं। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है कि कैसे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी परिवार को एकजुट रखकर बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ महीनों पहले ही उन्होंने अपने पूज्य पिताजी दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को खोया था और अब माताजी का साया भी सिर से उठ गया। इस दुख की घड़ी में पूरा कांग्रेस परिवार, पूरा झारखंड सोरेन परिवार के साथ खड़ा है।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल सोरेन परिवार, उनके सभी शुभचिंतकों और समर्थकों को इस अपार दुःख को सहने की असीम शक्ति प्रदान करें।
गौरतलब है कि झामुमो की केंद्रीय उपाध्यक्ष रूपी सोरेन जी का निधन 07 अक्टूबर 2026 को हुआ था। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार 08 अक्टूबर को सुबह 9 बजे उनके पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता लगातार उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
