Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने दिल्ली में विपक्षी सांसदों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार और हिरासत की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले जनप्रतिनिधियों को रोकना और उनके साथ बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन पहले दिन उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय के पास रोक दिया गया। इसके बाद दूसरे दिन जंतर-मंतर जाने से भी रोका गया और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाएं इन सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं के साथ दिल्ली में किया गया व्यवहार बेहद शर्मनाक है। शांतिपूर्ण विरोध करना हर लोकतांत्रिक नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार है। सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से इस मुद्दे को जनता के बीच उठाते रहेंगे।
