Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश हो रही है, उसके खिलाफ देश भर में आक्रोश है। एसआईआर की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका के खिलाफ कल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में पार्टी की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत सभी सांसद और विधायक भी अलग-अलग माध्यमों से दिल्ली पहुंच रहे हैं।

 

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रवक्ता अजय साह के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए इसे पूरी तरह से अनर्गल, तथ्यहीन और अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का असफल प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

 

भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट काटे जा रहे हैं

 

शाहदेव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम साजिश के तहत काटे जा रहे हैं, जिसका विरोध करना कांग्रेस का लोकतांत्रिक और नैतिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर आवाज उठाती है, भाजपा इसे राजनीतिक नौटंकी का नाम देकर मुद्दे से भटकने की कोशिश करती है।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में हर नागरिक को वोट देने का अधिकार बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान ने दिया है। उस अधिकार को छीनने का किसी को हक नहीं है। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार और चुनाव आयोग मिलकर इस अधिकार को खत्म करने पर तुले हैं। एसआईआर के नाम पर जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वह पूरी तरह से संदिग्ध है।

 

बीएलओ राज्य के, लेकिन दिशा-निर्देश चुनाव आयोग के

 

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के इस तर्क को भी सिरे से खारिज कर दिया कि बीएलओ राज्य सरकार के कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी राज्य सरकार के कर्मचारी जरूर हैं, लेकिन चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण का दिशा-निर्देश सीधे भारत निर्वाचन आयोग के अधीन संचालित होता है।

 

भाजपा केंद्र सरकार की शह पर चुनाव तंत्र का दुरुपयोग कर जायज मतदाताओं के नाम छांटने की साजिश रच रही है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका निष्पक्ष नहीं दिख रही है। इसीलिए कांग्रेस को सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

 

कांग्रेस के बीएलए धरातल पर कर रहे हैं काम, भाजपा बौखलाई

 

शाहदेव ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) धरातल पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं ने ही इस बात का खुलासा किया है कि किस तरह नियम-कायदों को ताक पर रखकर वैध नागरिकों, खासकर वंचित वर्गों के नाम मतदाता सूची से गायब किए जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की मदद कर रहे हैं। जिन लोगों के नाम गलत तरीके से काटे गए हैं, उनके फॉर्म-6 और फॉर्म-8 भरवाने में कांग्रेस के कार्यकर्ता दिन-रात लगे हैं। कांग्रेस की इसी सक्रियता से भाजपा बौखला गई है। भाजपा अपनी प्रशासनिक सेटिंग नाकाम होते देख बौखलाहट में अनाप-शनाप बयान दे रही है।

 

कांग्रेस के पास है पुख्ता सबूत

 

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस पूरे साक्ष्यों के साथ मैदान में है। जब कांग्रेस ने हजारों पात्र नागरिकों के नाम काटे जाने के तथ्य उजागर किए, तो भाजपा के पास इसका कोई जवाब नहीं था। भाजपा को बयानबाजी करने की जगह यह जवाब देना चाहिए कि एक ही क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया किसके इशारे पर की जा रही है?

 

उन्होंने कहा कि भाजपा बताए कि क्यों एक ही बूथ पर 100-200 मतदाताओं के नाम एक साथ काटे जा रहे हैं? क्या यह सामान्य प्रक्रिया है? यह सीधे-सीधे वोटबंदी है। जैसे नोटबंदी से देश की जनता को परेशान किया गया था, वैसे ही वोटबंदी से गरीबों के अधिकार को छीना जा रहा है।

 

अंत में शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है। कल दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा और उसके बाद झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में 10 अक्टूबर को काला दिवस मनाया जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ता शामिल होंगे। लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का यह संघर्ष जारी रहेगा।

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