Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना भाजपा की पुरानी आदत रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता सब कुछ देख रही है और समझ रही है कि कौन सच में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और कौन केवल बयानबाज़ी कर रहा है।
आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा लगातार भय और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं और हर मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कल्पना सोरेन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे लगातार सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रही हैं और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाती रही हैं। भाजपा को किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा को अगर सच में महिलाओं की चिंता है, तो उन्हें अपने शासित राज्यों में बढ़ते अपराधों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सच्चाई कुछ और है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अपराध की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होती है और सरकार हर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इस तरह की घटनाओं को राजनीतिक रंग देना न तो समाज के हित में है और न ही पीड़ित परिवार के।
आलोक दूबे ने यह भी कहा कि झारखंड सरकार “शून्य सहिष्णुता” की नीति पर काम कर रही है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भाजपा को चाहिए कि वह सकारात्मक सहयोग करे, न कि केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझी रहे।
