Ranchi: प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा के सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक तरफ देश के गृह मंत्री गाय, भैंस और बकरी चराने जैसी बातें कर जनता का ध्यान भटकाने में लगे हैं, तो वहीं प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल और असम में 75 लाख नौकरियां देने का नया जुमला उछाल रहे हैं। जबकि देश की जनता अभी तक हर साल 2 करोड़ रोजगार के वादे के हकीकत में बदलने का इंतजार ही कर रही है।
आलोक दूबे ने कहा इधर झारखंड में भाजपा की राजनीति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिस उत्पाद परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने की पुष्टि तक नहीं हुई, उसी मामले में भाजपा द्वारा CBI जांच की मांग करना साफ तौर पर राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करता है। सच्चाई यह है कि भाजपा झारखंड में भी वही हालात पैदा करना चाहती है, जो बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में देखने को मिल रहे हैं—जहां लगातार पेपर लीक, परीक्षा स्थगन और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं।
आलोक कुमार दूबे ने कहा झारखंड में उत्पाद परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक प्रयास के मुख्य आरोपी अतुल वत्स की गिरफ्तारी अपने आप में एक बड़ी कार्रवाई है, जो यह दर्शाती है कि राज्य सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर हैं। अगर किसी ने भी प्रश्न पत्र लीक करने की कोशिश की, तो उस पर सख्त कार्रवाई की गई और आगे भी की जाएगी।
उन्होंने कहा सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि भाजपा की इस तरह की अनैतिक राजनीति और बिना आधार के CBI जांच की मांग से उन लाखों छात्रों की भावनाएं आहत हो रही हैं, जिन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत से परीक्षा दी है। परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गईं, लेकिन इसके बावजूद बार-बार संदेह पैदा कर छात्रों के मन में भ्रम और निराशा का माहौल बनाया जा रहा है।
आलोक दूबे ने कहा इस तरह के अनर्गल आरोप और बेवजह की मांगों से छात्रों को यह महसूस होने लगता है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है या हो सकती है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। यह न केवल उनके आत्मविश्वास को कमजोर करता है, बल्कि उनके भविष्य पर भी अनावश्यक दबाव डालता है।
झारखण्ड कांग्रेस महासचिव ने कहा भाजपा की यह रणनीति साफ दर्शाती है कि वह राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत को भी दांव पर लगाने से पीछे नहीं हट रही। लेकिन झारखंड की जागरूक जनता और छात्र इस सच्चाई को समझ चुके हैं और ऐसे भ्रामक प्रचार का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
