Ranchi: भाजपा के ‘महिला आक्रोश मार्च’ के बाद कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर “राजनीतिक नौटंकी” और “दोहरे चरित्र” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में ही संसद से पारित हो चुका है, लेकिन केंद्र सरकार उसे लागू नहीं कर रही। “अगर कांग्रेस भ्रम फैला रही है तो भाजपा तुरंत कानून लागू करे, सारी राजनीति खत्म हो जाएगी,” दूबे ने चुनौती दी।

भाजपा पर लगाए 5 बड़े आरोप

1. कानून लागू करने से भाग रही सरकार: आलोक दूबे ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है। फिर भी उसे लागू नहीं किया जा रहा। “भाजपा का मकसद महिलाओं को अधिकार देना नहीं, चुनावी राज्यों में वोट लेना है।”

2. 33% का दावा बेईमानी: उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी आज भी 14 से 15% है, जबकि आबादी में महिलाएं 48% हैं। “33% आरक्षण का कानून बनाकर भी लागू न करना भाजपा की नीयत पर सवाल है।”

3. श्रेय लेने की राजनीति: “महिलाओं को राजनीति के दरवाजे कांग्रेस ने खोले। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल कांग्रेस की देन हैं। पंचायती राज में 33% आरक्षण भी कांग्रेस लाई, जिससे आज 14 लाख से ज्यादा महिलाएं जनप्रतिनिधि हैं। भाजपा सिर्फ श्रेय लेने में व्यस्त है।”

4. इतिहास में भी विरोध किया: दूबे ने याद दिलाया कि 2010 में जब महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पास हुआ था, तब भाजपा के कई नेताओं ने विरोध किया था। “अगर तब ईमानदारी से साथ देते तो महिलाओं को 13 साल पहले ही हक मिल जाता।”

5. भाजपा नेताओं पर शोषण के आरोप : उन्होंने उत्तर प्रदेश के महोबा का जिक्र किया जहां भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर महिला कार्यकर्ता ने पद देने के बदले शोषण का आरोप लगाया है। “ऐसी घटनाएं भाजपा के महिला सशक्तिकरण के दावों की पोल खोलती हैं।”

चुनावी राज्यों में वोट के लिए मुद्दा उठाया

आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में महिला वोट साधने के लिए महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया। “अब जब सच्चाई सामने आ रही है तो कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं। हकीकत यह है कि भाजपा महिलाओं की भागीदारी नहीं, उनके नाम पर वोट चाहती है।”

कांग्रेस की सीधी चुनौती

आलोक दूबे ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा: “अगर हिम्मत है तो 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करिए। कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति अपने आप खत्म हो जाएगी। लेकिन भाजपा ऐसा नहीं करेगी क्योंकि उसकी मंशा साफ नहीं है।”

कांग्रेस का दावा: हमने दिया महिलाओं को अवसर

प्रदेश महासचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री पद से लेकर पंचायत तक महिलाओं को अवसर देने का काम कांग्रेस ने किया है। “इंदिरा गांधी ने देश का नेतृत्व किया और करोड़ों महिलाओं को प्रेरणा दी। प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति बनाकर कांग्रेस ने इतिहास रचा। पंचायती राज में 33% आरक्षण लागू कर हमने जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त किया। भाजपा केवल पोस्टर और भाषणों में महिला हितैषी है।”

 क्या है पूरा विवाद

दरअसल 16-18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हुई थी। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बिल का विरोध किया। इसी को लेकर 25 अप्रैल को रांची में भाजपा ने ‘महिला आक्रोश मार्च’ निकाला था। अब कांग्रेस ने उसी पर पलटवार करते हुए भाजपा को घेरा है।

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