Ranchiकेंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा पर महिलाओं के मुद्दे पर भ्रम फैलाने और राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।आलोक दूबे ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा का दावा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने की दिशा में सबसे बड़ा कदम वर्ष 1992-93 में कांग्रेस सरकार द्वारा उठाया गया था, जब 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया गया। आज देशभर में लगभग 14 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि स्थानीय निकायों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद और विधानसभा में महिला आरक्षण का मुद्दा भी कांग्रेस ने ही मजबूती से उठाया। वर्ष 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ था, लेकिन भाजपा समेत कई दलों के विरोध और राजनीतिक कारणों से इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा आज जिस “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का श्रेय ले रही है, उसमें भी लागू करने की स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है, जिससे यह केवल चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है।
आलोक दूबे ने झारखंड की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। राज्य में महिलाओं को पंचायत चुनावों में 50% तक आरक्षण दिया गया है, जो देश के के कई राज्यों के लिए उदाहरण है। इसके अलावा महिला सुरक्षा, स्वरोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित हो रही हैं।भाजपा द्वारा महिला आक्रोश मार्च को “स्वतः स्फूर्त आंदोलन” बताए जाने पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रायोजित कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाना है। उन्होंने कहा कि जिस भाजपा की सरकार केंद्र में है, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े लगातार चिंता बढ़ाने वाले हैं।
आलोक दूबे ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में हर दिन औसतन 90 से अधिक दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में भाजपा को पहले अपने शासन वाले राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की राजनीतिक नौटंकी से इन गंभीर मुद्दों को कमजोर नहीं होने देगी।
अंत में दूबे ने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति करने के बजाय ठोस नीतियां और प्रभावी क्रियान्वयन ही असली सशक्तिकरण का मार्ग है, और इसी दिशा में कांग्रेस लगातार कार्य कर रही है।
