Ranchi: रांची स्थित मारवाड़ी भवन में मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित परंपरा प्रदर्शनी के प्री-लॉन्च समारोह सह “अपनों की उड़ान” कार्यक्रम में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुईं।

इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। समाज और देश के विकास में उनकी भूमिका लगातार सशक्त हो रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग और उद्यमिता की बात हो और मारवाड़ी समाज का उल्लेख न हो, ऐसा संभव नहीं है। अपने परिश्रम, दूरदृष्टि और सामाजिक योगदान के माध्यम से इस समाज ने स्वयं को एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।उन्होंने कहा कि मारवाड़ी सहायक समिति से जुड़ी महिलाओं द्वारा आयोजित यह प्रेरणादायी कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, नए अवसरों को अपनाने तथा अपने सपनों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की प्रेरणा दे रहा है।

मंत्री ने कहा कि झारखंड में जेएसएलपीएस से जुड़कर आज 32 लाख से अधिक महिलाएँ अपनी स्वतंत्र भागीदारी, पहचान और सफलता के साथ नया इतिहास रच रही हैं। बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत आम बागवानी इसका सफल उदाहरण है, जहाँ झारखंड के आम देश-विदेश के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। आज महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहे हैं। पिछले वर्ष ये उत्पाद दुबई तक पहुँचे थे और इस वर्ष लंदन तक अपनी पहचान बना चुके हैं।

मंत्री ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से आने वाली महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाजार तक पहुँच और विपणन की रही है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा महिलाओं को बाजार से जोड़ने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मारवाड़ी समाज ने व्यापार और उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है, उसी प्रकार ग्रामीण महिलाओं को भी ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे वे भविष्य में स्वयं उद्यमी बनकर अनेक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकें।

मारवाड़ी सहायक समिति के 115 वर्षों के गौरवशाली इतिहास की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि किसी संस्था का इतने लंबे समय तक समाज सेवा और जनहित के कार्यों में सक्रिय बने रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को उनके योगदान के लिए बधाई दी।

अपने संबोधन में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों को उद्यमिता से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि केवल कृषि पर निर्भर रहकर आजीविका चलाना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में कृषि को व्यवसाय के रूप में विकसित करने, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में कृषि उत्पादों की बर्बादी को रोकने के लिए गाँवों में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना आवश्यक है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने झारखंड के सिल्क उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य का रेशम विश्वभर में अपनी पहचान रखता है, लेकिन वैल्यू एडिशन, बेहतर फिनिशिंग और एम्ब्रॉयडरी के माध्यम से इसे और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन शर्मा, सचिव विनोद जैन, प्रोजेक्ट चेयरमैन अरुण भारतीय, संयोजक विनीता सिंघानिया, मोनिका गोयंका, शिखा जैन अग्रवाल, खुशबू अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, सुमित लाठ, प्रियंका जैन सहित अन्य सह-संयोजक एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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