Ranchi/Ramgarh: रामगढ़ अवैध माइंस हादसा में चार मजदूरों की मौत मामले में भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मामले में जिले के एसपी और डीसी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में स्थिति कितनी भयावह है कि राज्य के वित्त मंत्री की बात पुलिस प्रशासन नहीं सुन रहा है। मजबूरन वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को पलामू में खुद छापामारी करनी पड़ रही है। सोचिए झारखंड सरकार किस प्रकार चल रही है।

आदित्य साहू ने कहा कि हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री खनन विभाग की समीक्षा की थी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके पहले भी मुख्यमंत्री और डीजीपी ने कई बार अवैध खनन मामले में कड़ी कार्रवाई की बात की है। बावजूद राज्य में कहीं भी मुख्यमंत्री के इस निर्देश का कोई असर नहीं दिखता है। दरअसल मुख्यमंत्री का अवैध खनन पर सख्ती का निर्देश केवल आईवॉश होता है। यह सख्त निर्देश काला कारोबार रोकने के लिए नहीं बल्कि अपना कमीशन का रेट बढ़ाने के लिए दिया जाता है। राज्य सरकार बतलाए कि उस समीक्षा के बाद कितने अफसरों और माफियाओं पर कार्रवाई की गई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष भी रामगढ़ के करमा प्रोजेक्ट में चाल धंसने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार के संरक्षण में गरीब मजदूरों की मौत का खेल खेला जा रहा है। झारखंड अवैध खनन का अड्डा बन चुका है। पूरे राज्य में आए दिन अवैध खनन में लोगों की मौत, गोलीबारी, बमबाजी आम बात हो गई है। सरकार और प्रशासन के संरक्षण में सारा खेल खेला जा रहा है।झारखंड में अवैध खनन मामले में ईडी, सीबीआई की इंट्री हो या हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के ही संज्ञान में सारा मामला क्यों ना हो परंतु धनबाद, संताल परगना सहित पूरे राज्य में माफियाओं द्वारा अवैध कारोबार का अपना साम्राज्य स्थापित किया गया है। कोयला, बालू, पत्थर, जमीन सहित खनिज संपदाओं की खुलेआम लूट खसोट जारी है।

आदित्य साहू ने कहा कि रामगढ़ में अवैध खदान में अवैध कोयला निकालने का काम किया जा रहा था। बड़ा प्रश्न है कि इस प्रकार का अवैध खनन का कारोबार किसकी शह पर होता है, सारी जिम्मेदार एजेंसियां क्या करती हैं ? स्पष्ट है कि सब कुछ सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अंजाम दिया जाता है। हर घटना की तरह इस मामले में भी दोषियों पर कार्रवाई की बजाय सरकार लीपापोती का खेल अगर खेलती है तो पार्टी आंदोलन को बाध्य होगी।

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