Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के बयान को तथ्यों से परे, भ्रामक और राजनीतिक निराशा का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने लंबे शासनकाल में हुए भर्ती घोटालों, परीक्षा अनियमितताओं और युवाओं के साथ हुए अन्याय का जवाब देना चाहिए।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा आज नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि देश के करोड़ों युवा जानते हैं कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और रोजगार के मुद्दों पर सबसे अधिक सवाल भाजपा सरकारों के कार्यकाल में उठे हैं। युवाओं को रोजगार देने के बजाय भाजपा ने वर्षों तक उन्हें आश्वासन, प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी में उलझाकर रखा।

उन्होंने कहा कि झारखंड में पेपर लीक या किसी भी परीक्षा अनियमितता के मामलों में कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या परीक्षा माफिया का संरक्षण नहीं करती। लेकिन भाजपा का उद्देश्य समाधान नहीं, बल्कि हर मुद्दे का राजनीतिक ध्रुवीकरण करना है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में भर्ती परीक्षाओं, युवाओं के रोजगार और सरकारी नियुक्तियों को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने क्या जवाब दिया। केवल प्रेस बयान जारी कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए। जनता अब केवल आरोपों की राजनीति नहीं, बल्कि जवाबदेही और परिणाम चाहती है। युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर विषय पर राजनीतिक रोटियां सेंकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि देश के किसी भी राज्य में पेपर लीक या परीक्षा अनियमितता का मामला सामने आए तो उसकी समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो, उनकी अवैध संपत्ति जब्त की जाए तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को उचित राहत और न्याय मिले।

उन्होंने कहा कि भाजपा यदि वास्तव में युवाओं के हितों के प्रति गंभीर है तो उसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए सभी दलों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। देश का युवा राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि ईमानदार नीयत और ठोस कार्रवाई चाहता है।

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