Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा की चिंता जेपीएससी या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल छात्रों के भविष्य को लेकर नहीं है, बल्कि उसकी चिंता इस बात को लेकर है कि कांग्रेस और विपक्ष ने छात्रों-युवाओं के आंदोलन का समर्थन क्यों किया और उनकी आवाज सोशल मीडिया तथा सड़क पर क्यों उठाई।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा छात्रों के आक्रोश को राजनीतिक रंग देकर झारखंड में अस्थिरता का माहौल बनाना चाहती है। लेकिन कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई पहले भी लड़ती रही है और आगे भी पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।

 

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के अनेक पेपर लीक के मामले सामने आए, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। नीट-यूजी पेपर लीक, यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने, विभिन्न राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और बार-बार सामने आए परीक्षा घोटालों ने यह साबित कर दिया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रही है। ऐसे मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, लेकिन उसके बाद जिस तरह भाजपा ने उनका सार्वजनिक सम्मान किया, मुकुट पहनाया उससे यह संदेश गया कि छात्रों की पीड़ा से अधिक पार्टी को अपनी राजनीतिक छवि की चिंता है।

 

आलोक दूबे ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी से संबंधित शिकायतों के सामने आते ही राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाई। सीआईडी जांच शुरू हुई, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। महागठबंधन सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार करने वाले चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।

 

उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि यदि वह वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है, तो उसे अपने शासनकाल में हुई जेपीएससी नियुक्तियों पर भी जवाब देना चाहिए। भाजपा बताए कि तत्कालीन सरकारों के दौरान बाबूलाल, अर्जुन मुण्डा सहित कई नेताओं, उनके परिजनों और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों की नियुक्तियों को लेकर जो सवाल उठे थे, उनका जवाब आज तक क्यों नहीं दिया गया। भाजपा यदि सीबीआई जांच की मांग करती है तो उसे जेपीएससी की शुरुआती सभी विवादित परीक्षाओं और नियुक्तियों की भी व्यापक जांच की मांग करनी चाहिए, ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसलिए जहां भी परीक्षा, भर्ती या चयन प्रक्रिया में अनियमितता होगी, कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा को छात्रों के हितों पर राजनीति करने के बजाय भर्ती प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए सकारात्मक सुझाव देने चाहिए। झारखंड सरकार निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कांग्रेस का संकल्प है कि राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें योग्यता के आधार पर न्यायपूर्ण अवसर मिलें।

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