Ranchi: झारखंड भाजपा द्वारा छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर 01 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में भाजपा युवा मोर्चा की अगुवाई में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। वहीं 31 जुलाई की शाम को भाजपा के द्वारा राज्य के सभी मंडलों में मशाल जुलूस निकालने का भी निर्णय लिया गया है। उक्त आशय की जानकारी प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।
इस दौरान प्रदेश महामंत्री ने विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, पिछले 6 वर्षों में हुई सभी परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने, गड़बड़ियों की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराकर दोषियों को जेल भेजने, कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार से तत्काल समर्थन वापस लेने और नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री हेमंत सोरेन के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की इस न्याय की लड़ाई में, उनकी मांग के साथ बीजेपी खड़ी है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा लगातार दिल्ली में भी इस मामले को उठाया जा रहा है। 29 जुलाई को जहां संसद भवन परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया, वहीं 31 जुलाई को मौन आंदोलन कर पूरे देश का ध्यान झारखंड मामले की तरफ आकृष्ट कराया गया। अब पूरा देश, झारखंड में हुई गड़बड़ी मामले को नोटिस कर रहा है।
अमर बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के पाप का घड़ा अब पूरी तरह भर चुका है। जल्द ही यह पूरी तरह फूट जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा राज्य में हो रही गड़बड़ियों पर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है परंतु सरकार टालमटोल में माहिर है। 2019 से ही बीजेपी ने सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सड़क से सदन तक सभी मामलों को पूरी ईमानदारी से उठाया है। लेकिन राज्य सरकार अपने एजेंसियों के माध्यम से इसकी लीपापोती में लगी हुई है। सारी गड़बड़ियां में राज्य सरकार की सीधी संलिप्तता है। हर घोटाले की जांच को डायवर्ट करने में हेमंत सरकार को महारत हासिल है। राज्य सरकार की एजेंसियां असली मास्टरमाइंड को बचाने के लिए कवर फायर देने वाली संस्था बनकर रह गई है। सीआईडी, एसीबी जांच केवल आईवॉश है।

अमर बाउरी ने कहा कि 14 वीं जेपीएससी मामले में कार्रवाई तब शुरू की गई, जब भाजपा ने आंदोलन प्रारंभ किया। आदित्य साहू के निर्देश पर भारतीय जनता युवा मोर्चा लगातार इस पर संघर्ष करती रही है। 22 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय घेराव किया गया, तब सीआईडी जांच बैठी। फिर छापामारी कर चंद संलिप्तों को जेल भेजा गया, अध्यक्ष का इस्तीफा हुआ, अभय तिवारी की गिरफ्तारी हुई लेकिन यह कार्रवाई नाकाफी है। जेपीएससी मेंबर से सरकार का सीधा कनेक्शन है। सरकार के एक कद्दावर नेता की पत्नी इसमें अभी मेंबर बनी हुई हैं। सरकार से जुड़े कई माफ़िया, सफेदपोश की सारी गड़बड़ियों में संलिप्तता है। केवल सीबीआई जांच से ही सारी चीजों से, करतूतों से पर्दा उठ सकता है।
झारखण्ड भाजपा महामंत्री ने कहा कि युवाओं का आक्रोश चरम पर है। हेमंत सरकार में इनका सब्र टूट चुका है। ये लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार छात्रों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपना रही है। लगातार युवाओं, छात्रों को डराया धमकाया जा रहा है। लेकिन इस बार युवा भी पूरी तरह आर पार की लड़ाई लड़ने की मुद्रा में दिख रहे हैं। झारखंड की कांग्रेस समर्थित सरकार युवाओं के भविष्य को बेच कर अपनी तिजोरी भर रही है। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल, उत्पाद सिपाही, जूनियर इंजीनियर सहित अन्य परीक्षा में गड़बड़ी हुई है।
अमर बाउरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जो भी परीक्षाएं आयोजित होगी, उसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा मजबूत कानून पारित किया गया है। एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित हो गया है। झारखंड बीजेपी की तरफ से, यहां की तमाम जनता की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल, लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों का उन्होंने आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक तरफ युवाओं के मुद्दे, उनके विषयों, उनकी समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर उसके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाते हैं, ऐसी गड़बड़ियों की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए प्रधानमंत्री केवल प्रयासरत ही नहीं रहते बल्कि उसका ठोस समाधान ढूंढते हैं। जबकि पूरा विपक्ष केवल सेलेक्टिव नैरेटिव गढ़कर अराजकता फैलाते हुए नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देता है।
अमर बाउरी ने कहा कि नीट मामले में कांग्रेस सहित विपक्ष का पूरा इको सिस्टम केंद्र सरकार पर हमलावर रहा, पूरे देश में बवाल काटा गया लेकिन झारखंड सहित कांग्रेस व अन्य विपक्ष शासित राज्यों में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर इनका पूरा इको सिस्टम मौन साधे बैठा है। झारखंड में जब से कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन की सरकार आई है तब से नौकरी बेचने का काम किया जा रहा है। जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में गड़बड़ी, जीपीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी, उत्पाद सिपाही में छात्रों की मौत, जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में गड़बड़ी देखी गयी है। फिर भी सरकार प्रतिबंधित कंपनी को ही परीक्षाओं को करवाने का टेंडर देती रही।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि सरकार ना सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी कर रही बल्कि जेपीएससी, जेएसएससी जैसे संस्था में अपने लोगों के परिजनों को स्थान दे रही। जिनका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सारी जवाबदेही लेते हुए नैतिकता के आधार पर हेमंत सोरेन को अपना इस्तीफा अविलंब दे देना चाहिए।
आज के प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अजय राय, प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल, अनिवेश सिंह, रमाकांत महतो, रविनाथ किशोर भी उपस्थित रहे।
