Ranchi:  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में कार्य समिति के स्थाई आमंत्रित सदस्य और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में 7 सितंबर को एमएमडीआर और चंदा चोरी के खिलाफ विरोध मार्च और महा-धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए पार्टी की ओर से सभी जिलों में जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि एमएमडीआर कानून केवल एक विधायी बदलाव नहीं है, बल्कि यह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा देश और विशेष रूप से झारखंड जैसे संसाधन-समृद्ध राज्यों के प्राकृतिक संसाधनों को चुनिंदा पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की एक सुनियोजित और गंभीर साजिश है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने कॉर्पोरेट मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए राज्यों के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों का हनन कर रही है। झारखंड, जो देश के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है, को इस विधेयक के माध्यम से गहरे आर्थिक संकट में धकेलने का प्रयास किया जा रहा है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के जरिए राज्यों के खनन और खनिज संसाधनों के आवंटन तथा नियमन संबंधी अधिकारों को कमजोर किया गया है। यह सीधे तौर पर भारत के संघीय ढांचे पर आघात है। झारखंड जैसे राज्य, जहां की बहुसंख्यक आबादी आदिवासी, मूलवासी और गरीब वर्ग से आती है, के अधिकारों की बलि चढ़ाकर कॉर्पोरेट घरानों को असीमित छूट दी जा रही है। खनिज क्षेत्रों से प्रभावित स्थानीय लोगों और आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को दरकिनार कर दिया गया है। राज्य सरकार के राजस्व पर इसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा चंदा चोरी के जरिए धार्मिक आस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने राम मंदिर निर्माण के नाम पर हुई चंदा चोरी को लेकर भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान श्री राम देश के करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। लेकिन भाजपा और उससे जुड़े नेताओं ने उनके पवित्र मंदिर निर्माण के नाम पर एकत्र किए गए धन में हेराफेरी और घपला करना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि देश के करोड़ों सनातनियों और राम भक्तों की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके अनुषांगिक संगठनों ने धर्म को राजनीति और व्यापार का माध्यम बना लिया है। जिस जमीन की कीमत कुछ लाख रुपये थी, उसे राम मंदिर ट्रस्ट को मिनटों में करोड़ों रुपये में बेचकर सीधे तौर पर चंदा चोरी की गई है। धर्म और आस्था की आड़ में किया गया यह भ्रष्टाचार अक्षम्य है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह मांग करती है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि आस्था के नाम पर लूट करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।

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