Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम द्वारा JPSC JSSC परीक्षा से जुड़ी अनियमितता के मास्टरमाइंड और सभी माफियाओं के बिहार कनेक्शन होने को लेकर एक्स पर किए गए एक पोस्ट पर JMM को आईना दिखाते हुए कहा है कि केवल अपने अपराध कृत्य के लिए एवं किसी राज्य के चंद लोगों के कुकर्मों की सजा एक समृद्ध एतिहासिक विरासत समेटे राज्य को बदनाम करना कहीं से भी उचित नहीं है।
बाबूलाल मरांडी ने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार कनेक्शन? क्या बिहार जैसे समृद्ध एतिहासिक विरासत समेटे राज्य को अपराधियों और अपने अपराध कृत्य के लिए आप बदनाम नहीं कर रहे हैं। ऐसी बातें आपके जेहन में आती कैसे हैं? उन्होंने कहा कि झारखंड की देवभूमि देवघर का अभय तिवारी JPSC और JSSC की परीक्षाओं में अनियमितता का मास्टरमाइंड निकला तो उसका गुनाह का बदला देवघर से लेंगे, गिरिडीह के आपके जिलाध्यक्ष का नौकरी में वसूली का ऑडियो वायरल है, क्या उसकी जिम्मेदारी पूरे गिरिडीह और झामुमो की है। ये जो सुप्रियो दादा की पत्नी का नाम वसूली में आया और उनके पीएस की गिरफ्तारी हुई तो आपकी पार्टी और पूरी रांची गुनहगार होगी क्या? पलामू के रवि मास्टर, हजारीबाग का लालू यादव, बोकारो का सानंद प्रकाश समेत कई लोग सीआईडी की रडार पर हैं। क्या उनके जिले के लोगों का भी ऐसे ही कनेक्शन लिखियेगा?
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि, हां कनेक्शन क्या होता है, जानिए…जेएससीए में नौकरी के लिए एल ख्यांगते को किसने JPSC का अध्यक्ष बनाया? JSSC में पेपर लीक हुआ, नीरज सिन्हा को किसने जेएसएससी का अध्यक्ष बनाया था? विनोद सिंह का कनेक्शन कहां से है? अनुराग गुप्ता को किसने रिटायरमेंट के बाद डीजीपी बनाया, ताकि सीजीएल पेपर लीक की जांच को मोड़ा जा सके? सुनिये सारे जवाब तलाशेंगे तो जवाब एक मिलेगा: कांके रोड का कनेक्शन।
उन्होंने कहा कि आखिर CID की जांच को गलत दिशा में मोड़ने वाले, नौकरी बेचने के बाद इसकी जांच में घोटाला करने वाले नीरज सिन्हा पर कोई कारवाई क्यों नहीं हुई? सुधीर गुप्ता आज भी अपने पद पर बने हुए हैं। प्रशांत कुमार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वहीं अनुराग गुप्ता के एक-एक कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। वे ACB से दस्तावेज लेकर भाग गए। ACB के कंप्यूटर का डाटा सब निकाल कर ले गये। मनमाने तरीक़े से बड़ी मछलियों को बचाने के लिये पहले शराब घोटाले और फिर JSSC घोटाले के साक्ष्य नष्ट किये और कराये। जमकर वसूली की। लेकिन लूट का पूरा माल उपर नहीं पंहुचा तो उसे हटा दिये। तब मुख्यमंत्री जी कहाँ सोये हुए थे? आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
बाबूलाल मरांडी ने पूछा कि आखिर इन अधिकारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है? इन अधिकारियों की गिरफ्तारी और उनके मुँह खोलने से ऐसा कौन सा शख्स है, जो डर रहा है? कांके रोड और मुख्यमंत्री से उसका क्या कनेक्शन है? एक बात और ममता बनर्जी के राज में नियामतपुर में क्वेश्चन पेपर रटवाये गये तो बंगाल कनेक्शन का नाम लेने में डर क्यों लगता है?
