Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। शाहदेव ने पटेल के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह बयान पूरी तरह से आधारहीन, राजनीतिक द्वेष से प्रेरित और जमीनी हकीकत से परे है।
शाहदेव ने कहा, “झारखंड में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने आए भाजपा के नए प्रभारी ने पहली ही प्रेस वार्ता में केवल झूठे दावों और अनर्गल आरोपों का सहारा लिया है। दो दिन के दौरे में एसी कमरों में बैठकर फीडबैक लेने से झारखंड की सच्चाई समझ नहीं आती। झारखंड को समझने के लिए गांव, जंगल और खेतों में जाना पड़ता है, जो भाजपा के नेता कभी नहीं करते।”
2019 से जनता का भरोसा गठबंधन सरकार पर – शाहदेव
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि 2019 में राज्य की जनता ने स्पष्ट जनादेश देकर झामुमो-कांग्रेस-राजद महागठबंधन की सरकार बनाई थी। इस सरकार ने अपने वादों को निभाते हुए कई ऐतिहासिक जनहितकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनसे जनता का दिल जीता है।
“हमारी सरकार ने मंईयां सम्मान योजना लागू की, जिससे राज्य की 50 लाख से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सम्मान राशि मिल रही है। यह योजना पूरे देश में महिला सशक्तिकरण का मॉडल बन गई है। भाजपा को इसी योजना से सबसे ज्यादा तकलीफ है, इसलिए वह इसे बंद करवाना चाहती है। उन्होंने गिनाया कि सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत 5 लाख से ज्यादा किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया है। पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू कर सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा दी है। 200 यूनिट तक बिजली बिल माफी, अबुआ आवास योजना के तहत 20 लाख गरीबों को 3 कमरे का पक्का मकान, सर्वजन पेंशन योजना और सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना जैसी योजनाओं ने गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़ों के जीवन में बदलाव लाया है।
शाहदेव ने कहा भाजपा के किसी नए नेता के दो दिवसीय दौरे से यह जमीनी सच्चाई नहीं बदलने वाली। जनता का भरोसा गठबंधन सरकार पर कायम है और भाजपा के जुमलों का जवाब झारखंड की जनता पहले भी दे चुकी है और आगे भी देती रहेगी।
पहले केंद्र से 1 लाख 36 हजार करोड़ की बकाया रॉयल्टी लाकर दिखाएं गजेंद्र पटेल
शाहदेव ने गजेंद्र पटेल पर पलटवार करते हुए केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “महागठबंधन सरकार पर अनर्गल आरोप लगाने से पहले गजेंद्र पटेल को केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार का जवाब देना चाहिए। केंद्र सरकार पर राज्य का 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बकाया कोयला रॉयल्टी बाकी है, जिसे दबाकर केंद्र बैठा हुआ है। यह पैसा झारखंड के आदिवासियों का है, झारखंड की जनता का है।”
शाहदेव ने चुनौती देते हुए कहा, अगर भाजपा नेताओं को राज्य के विकास की इतनी ही चिंता है, तो वे प्रधानमंत्री मोदी से कहकर झारखंड का यह हक वापस दिलाएं। अगर हिम्मत है तो भाजपा के नए प्रभारी केंद्र से यह पैसा लाकर दिखाएं, तब हम मानेंगे कि उन्हें झारखंड की चिंता है। सिर्फ प्रेस वार्ता में आरोप लगाने से विकास नहीं होता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार झारखंड के साथ भेदभाव कर रही है। जीएसटी का हिस्सा, केंद्रीय योजनाओं का पैसा और आपदा प्रबंधन का फंड तक समय पर नहीं दिया जा रहा है। भाजपा के सांसद और नेता इस पर चुप रहते हैं।
भाजपा आदिवासियों की सबसे बड़ी विरोधी – सरना कोड पर केंद्र चुप क्यों?
कांग्रेस महासचिव ने भाजपा को आदिवासी विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा का इतिहास आदिवासियों के अधिकारों को कुचलने का रहा है। हमारी सरकार ने झारखंड के आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरना धर्म कोड का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर केंद्र को भेजा। यह प्रस्ताव 2020 से केंद्र के पास लंबित है, लेकिन भाजपा नीत केंद्र सरकार उस पर चुप बैठी है। भाजपा के नेता इस पर एक शब्द नहीं बोलते।
शाहदेव ने कहा, “आदिवासियों के अधिकारों, जल-जंगल और जमीन की रक्षा के लिए महागठबंधन सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। हमने सीएनटी-एसपीटी एक्ट को और मजबूत किया है। पेसा कानून को लागू किया है। वन पट्टा का अधिकार दिया है। आदिवासी समाज अब जागरूक है और जानता है कि भाजपा केवल उनका इस्तेमाल चुनाव के समय करती है और बाद में उनके हकों पर हमला करती है।”
युवाओं को नौकरी देने के लिए देश का सबसे सख्त कानून बनाया – भाजपा राज्यों में पेपर लीक आम बात
राज्य सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों पर शाहदेव ने कहा कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से युवाओं को नौकरियां देने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयासरत है। भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए हमारी सरकार ने देश का सबसे सख्त एंटी पेपर लीक कानून बनाया है, जिसमें 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। जहां कहीं भी गड़बड़ी की शिकायत आई, वहां सरकार ने तुरंत कार्रवाई कर दोषियों को जेल भेजा है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जबकि भाजपा शासित राज्यों – उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में पेपर लीक एक आम बात बन चुकी है। वहां हर परीक्षा का पेपर लीक होता है। भाजपा के लोग इसमें शामिल होते हैं। पहले अपने गिरेबां में झांकें, फिर झारखंड पर आरोप लगाएं।”
शाहदेव ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने पिछले 5 सालों में 60 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और 2 लाख से ज्यादा को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ा है। नियोजन नीति बनाकर स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
सत्ता से बाहर होते ही भाजपा को सब भ्रष्ट दिखता है – केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग
भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भाजपा की पुरानी आदत है। “जब भाजपा सत्ता से बाहर होती है तो उसे सब कुछ भ्रष्ट नजर आता है। असल में भाजपा केंद्रीय एजेंसियों – ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स का दुरुपयोग करके गैर-भाजपा शासित राज्यों को अस्थिर करने का काम करती रही है। झारखंड में भी उन्होंने यही कोशिश की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजा, लेकिन जनता ने फिर से उन्हें चुनकर जवाब दे दिया।”
शाहदेव ने कहा कि झारखंड की जनता समझदार है। वह जानती है कि कौन भ्रष्टाचार कर रहा है और कौन विकास कर रहा है। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह प्रभारी बदल-बदलकर नई-नई स्क्रिप्ट लिख रही है, लेकिन जनता अब इनके झांसे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि गजेंद्र पटेल को चाहिए कि वे पहले अपने शासित राज्यों की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी पर ध्यान दें, जहां रोज हत्याएं, बलात्कार और पेपर लीक हो रहे हैं। झारखंड की चिंता झारखंड की जनता और महागठबंधन सरकार करने में सक्षम है।
