नई दिल्ली/रांची : लोकतंत्र और वोट के अधिकार को बचाने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली में आयोजित ‘सुप्रीम कोर्ट मार्च’ में झारखंड की भी जोरदार उपस्थिति रही। झारखंड प्रदेश किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष कुमार इस ऐतिहासिक मार्च में अपने कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाओ आंदोलन का हिस्सा बने।

दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए इस मार्च में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका और देश भर में चल रही एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में कथित धांधली को लेकर विरोध जताया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट रहा है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया था।

 

राहुल गांधी ने दिलाई लोकतंत्र की शपथ

 

इस मार्च का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने किया। उनके साथ कांग्रेस के सभी सांसद, प्रदेश अध्यक्ष और अग्रिम संगठनों के प्रमुख मौजूद थे।

 

सुभाष कुमार ने बताया कि इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक चुनाव की नहीं, बल्कि देश के संविधान और हर नागरिक के वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई है। यदि आज हम नहीं जागे तो आने वाले समय में गरीब का वोट छीन लिया जाएगा। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इसके खिलाफ लड़ेगा।

 

उन्होंने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहां के किसान और आदिवासी सबसे ज्यादा इस एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित हो रहे हैं। सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों के नाम बिना किसी सूचना के काटे जा रहे हैं। कांग्रेस का किसान विभाग इस साजिश को सफल नहीं होने देगा।

 

झारखंड के किसानों के मुद्दे को दिल्ली में उठाया

दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए सुभाष कुमार ने कहा कि वे इस मार्च में सिर्फ एक कांग्रेसी नेता के तौर पर नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों किसानों के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी एसआईआर के नाम पर किसानों के नाम काटे जाने की सूचनाएं आ रही हैं। कई किसान जो खेतों में काम करने के कारण घर पर नहीं मिलते, उनके नाम मृत या स्थानांतरित बताकर काट दिए जा रहे हैं।

 

सुभाष कुमार ने कहा, “भाजपा को आदिवासी और किसान से डर लगता है, क्योंकि वह जानती है कि यही वर्ग उसे सत्ता से उखाड़ फेंकेगा। इसलिए साजिश के तहत उनके वोट काटे जा रहे हैं। राहुल गांधी जी ने हमें स्पष्ट निर्देश दिया है कि हम बूथ स्तर तक जाएं और एक भी वैध मतदाता का नाम कटने न दें। हम घर-घर जाकर फॉर्म-6 भरवाएंगे।”

 

उन्होंने कहा कि झारखंड प्रदेश किसान कांग्रेस पूरे राज्य में इसको लेकर अभियान चलाएगी। हर जिले में किसान कांग्रेस के कार्यकर्ता बीएलए के साथ मिलकर मतदाता सूची की जांच करेंगे और जिनके नाम कटे हैं, उन्हें फिर से जुड़वाने में मदद करेंगे।

 

भाजपा पर साधा निशाना

 

सुभाष कुमार ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा जब जनता के बीच जाकर वोट नहीं मांग पाती, तो चुनाव आयोग के सहारे वोटों में हेरफेर करती है। झारखंड की जनता ने लोकसभा और विधानसभा में भाजपा को सबक सिखाया है, इसलिए वह अब वोटबंदी के सहारे जीतना चाहती है, लेकिन झारखंड का किसान और आदिवासी अब जागरूक हो चुका है।

अंत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने की यह लड़ाई निर्णायक मोड़ तक जाएगी और झारखंड किसान कांग्रेस इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगी।

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