Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नवरात्रि के दौरान विपक्षी दलों के आंदोलन और प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि बाबूलाल जी को धर्म का पाठ पढ़ाने से पहले लोकतंत्र, संविधान और जनता के मताधिकार की चिंता करनी चाहिए। वोट के अधिकार की लड़ाई कोई आज शुरू नहीं हुई है, बल्कि INDIA गठबंधन लंबे समय से वोट चोरी, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ आंदोलन कर रहा है। ऐसे में नवरात्रि के समय को लेकर सवाल उठाना जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, साहस और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का पर्व है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों से शक्ति लेकर हम अपने नेता राहुल गांधी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। देश की जनता का स्पष्ट संदेश है— वोट चोर, गद्दी छोड़!

उन्होंने कहा कि बाबूलाल जी को धर्म का पाठ ज्यादा पढ़ाने की जरूरत नहीं है। पहले यह बताएं कि जब महिलाओं के सम्मान की बात आती है, तब भाजपा के लोग क्या आचरण करते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े कुछ लोग जानबूझकर महिलाओं का अपमान करते हैं और फिर धर्म एवं संस्कृति की दुहाई देते हैं। धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक सवालों से बचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा की नीतियों और कार्यप्रणाली से जुड़ी है। मतदाता के अधिकारों पर हमला भारत और भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना चाहिए और मतदाता सूची की प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से मोदी और शाह की सरकार ने देश में डर और दबाव का माहौल बनाया है, लेकिन अब जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही है। राहुल गांधी जी के नेतृत्व में वोट के अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को बचाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। इस आंदोलन को कुचलने के लिए मोदी सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन आंदोलन को दबाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं। जनता अपने मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि आस्था, शक्ति और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का संदेश देती है। ऐसे पावन अवसर पर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के संकल्प को और मजबूत करना चाहिए। देश की जनता अपने वोट की ताकत को पहचान रही है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक मतदाताओं के अधिकारों, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संविधान की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।

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