Ranchi : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में महिलाओं के साथ लगातार सामने आ रही दुष्कर्म और शोषण की घटनाओं को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समर्थन से चल रही झामुमो नेतृत्व वाली हेमंत सोरेन सरकार आखिर झारखंड का क्या हाल करके छोड़ना चाहती है? राज्य में लगातार माताओं-बहनों के साथ अनाचार, दुष्कर्म और शोषण की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार अपनी जवाबदेही तय करने एवं झारखंड की माताओं-बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बजाय दिल्ली में राजनीति और प्रदर्शन में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि राज्य में छिपे भेड़िये लगातार महिलाओं की अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पहले गम्हरिया थाने की घटना ने पुलिस तंत्र को कठघरे में खड़ा किया। अब गोड्डा में मिशन से जुड़े फादर पर उनलोगों के ही बुलावे पर रोजी-रोटी की खातिर नौकरी के लिए निकली एक महिला के साथ लंबे समय तक यौन शोषण, गर्भ ठहरने पर गर्भपात की दवा देने, तबीयत बिगड़ने पर इलाज के खर्च के नाम पर धमकी देने और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में सुंदरपहाड़ी थाने में केस नंबर 33/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में आखिर महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान कौन सा है? क्या अब न्याय मांगने के लिए थाने पहुंचना भी महिलाओं के लिए खतरे से खाली नहीं रहा? क्या नौकरी और रोजगार की तलाश में निकलने वाली गरीब और आदिवासी महिलाओं को शोषण का शिकार होना पड़ेगा? ये दोनों घटनाएं राज्य की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। क्या हेमंत सरकार की नजर में महिलाओं की सुरक्षा कोई प्राथमिकता ही नहीं है?
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार मिशनरियों के प्रति अपनी राजनीतिक मेहरबानी और तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता देने के बजाय कानून का राज सुनिश्चित करे। किसी भी धर्म, संस्था, संगठन अथवा प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड की माताओं-बहनों का सम्मान और सुरक्षा किसी राजनीतिक दल के वोट बैंक से बड़ा विषय है। सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। गोड्डा और गम्हरिया दोनों मामलों में किसी भी स्तर पर लीपापोती का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता के दबाव, राजनीतिक संरक्षण अथवा संस्थागत प्रभाव में जांच को प्रभावित करने की कोशिश हुई तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने गम्हरिया और गोड्डा दोनों मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पीड़िताओं को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। कहा कि दोषियों को बचाने की बजाय उनके खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
