Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करने से पहले भाजपा को अपने शासन वाले राज्यों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों का हिसाब देना चाहिए।
आलोक दूबे ने कहा कि गम्हरिया और गोड्डा में सामने आए मामले बेहद गंभीर हैं। इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन आदित्य साहू जी को यह भी बताना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर उनकी पार्टी की जवाबदेही क्या है? उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में महिलाओं के खिलाफ 4,48,211 मामले दर्ज हुए। इनमें उत्तर प्रदेश में 66,381, राजस्थान में 45,450 और मध्य प्रदेश में 32,342 मामले शामिल हैं। इन आंकड़ों में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, अपहरण और अन्य अपराध भी शामिल हैं। आखिर भाजपा इन राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रही है?
आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा नेता झारखंड की घटनाओं पर सवाल उठाने से पहले अपने राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर भी जवाब दें। क्या भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कोई सवाल नहीं उठना चाहिए? क्या केवल विपक्षी राज्यों की घटनाओं पर राजनीति करना ही भाजपा की महिला सुरक्षा नीति है? उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में देशभर में बच्चों के खिलाफ अपराधों के 1,77,335 मामले दर्ज हुए, जिनमें 67,694 मामले पॉक्सो अधिनियम के तहत थे। भाजपा को बताना चाहिए कि उसके शासन वाले राज्यों में पॉक्सो के कितने मामले दर्ज हुए, कितने मामलों में दोषियों को सजा मिली और कितने मामलों में बच्चियों को आज भी न्याय का इंतजार है।
आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को यह भी समझना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा किसी राजनीतिक दल का चुनावी हथियार नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करती है। लेकिन भाजपा को भी अपने शासन वाले राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी से बचने का अधिकार नहीं है।
आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने शासन वाले राज्यों की स्थिति और अपने नेताओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। महिला सुरक्षा के नाम पर राजनीतिक नौटंकी करने के बजाय भाजपा को अपने राज्यों में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राजनीति नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, पीड़िताओं को सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। कांग्रेस पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।
