Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और विकास के नाम पर भाजपा केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने अपने लंबे शासनकाल में झारखंड की संस्कृति, भाषा और यहां के मूलवासियों की सुधि नहीं ली, आज वे घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड की संथाली, मुंडारी, हो, कुड़ुख, खड़िया, नागपुरी, खोरठा, कुरमाली और पंचपरगनिया जैसी समृद्ध क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाएं हमारी आन, बान और शान हैं। वर्तमान गठबंधन सरकार इन भाषाओं के संवर्द्धन, पठन-पाठन और शिक्षकों के पदों को भरने के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में आदिवासी-मूलवासी अस्मिता को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य में डबल इंजन की उनकी सरकार थी, तब उन्हें भाषा अकादमियों की सुध क्यों नहीं आई? आज जब जनता उनकी जनविरोधी नीतियों को समझ चुकी है, तो वे अपनी जमीन तलाशने के लिए भाषाई मुद्दों को ढाल बना रहे हैं। हमारी सरकार आश्वासन की नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस परिणाम देने में विश्वास रखती है और झारखंड की संस्कृति व भाषाओं के उत्थान के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
