New Delhi: राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने आज उच्च सदन में पूर्वोदय विजन एवं लुक ईस्ट नीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को उठाते हुए पूर्वी भारत के समग्र एवं संतुलित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लुक ईस्ट नीति के तहत उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास के लिए व्यापक एवं दूरदर्शी रणनीति बनाई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहे हैं।

डॉ. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी राज्यों में सड़क, रेल, हवाई अड्डों एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली है तथा देश की सामरिक और आर्थिक मजबूती भी सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से यह जानने का प्रयास किया कि बिहार, झारखंड, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों को उत्तर-पूर्व से जोड़कर एक मजबूत एवं समृद्ध पूर्वी भारत के निर्माण के लिए कोई विशेष एवं समग्र कार्ययोजना तैयार की जा रही है या नहीं। डॉ. वर्मा ने कहा कि इन राज्यों के बीच मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित होने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र का संतुलित एवं समावेशी विकास संभव हो सकेगा।

डॉ. वर्मा ने विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में कार्यरत झारखंड एवं बिहार के हजारों प्रवासी मजदूरों के जीवन स्तर, सुरक्षा एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाय बागानों, रबर प्लांटेशन तथा पाइनेप्पल जैसी कृषि गतिविधियों में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं, जिनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना क्षेत्रीय विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम होगा।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पूर्वी भारत को विकास की मुख्यधारा में अग्रणी स्थान दिलाना है। डॉ. वर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों एवं सतत प्रयासों से पूर्वी भारत आने वाले समय में देश के विकास का एक सशक्त एवं प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

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