*कांग्रेस और सहयोगियों को उनके राजनीतिक पाप की सजा भुगतनी ही होगी : सर्वानंद सोनोवाल*

*असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लिए इन्दिरा, सोनिया और प्रियंका ही महिला, देश की बाकी महिलाओं का उनकी नजर में कोई स्थान और सम्मान नहीं*

*बिल नहीं गिरा बल्कि पूरा इंडी गठबंधन महिलाओं की नजर में गिरा : श्रेयसी सिंह*

जमुई विधायक ने यह भी कहा कि

*विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं*

*नारी शक्ति वंदन अधिनियम मामले में इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में सर्वानंद सोनोवाल और श्रेयसी सिंह की संयुक्त पीसी*

Ranchi:असम के पूर्व मुख्यमंत्री सह केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम मामले में कांग्रेस और उनके सहयोगी पार्टियों ने पाप किया है उसकी सजा उन्हें भुगतनी ही होगी। महिलाओं को आगे बढ़ाने में कांग्रेस की नीतियां हमेशा सीमित रही हैं। उनका एक दायरा है। कांग्रेस के लिए महिला मतलब इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही होता है ,बाकी उनके लिए उनकी नजर में किसी महिला का कहीं कोई स्थान नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं उन्होंने सेवक बनकर देश की सेवा की है और हर समुदाय की महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है, उनके परिवार की चिंता की है। केंद्रीय मंत्री रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में नारी शक्ति, मातृशक्ति की पर्याय मानी जाती हैं। महिलाओं के उत्थान के बगैर कोई भी कल्पना बेमानी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अन्य कई कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को समान रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने कई कार्यक्रम लागू किया है। आज इसी का परिणाम है कि महिलाएं हर क्षेत्र में परचम लहरा रही है। राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए, इसके लिए मोदी सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने और महिला सशक्तिकरण को संवैधानिक रूप दिलाने के उद्देश्य से 2 दिन का विशेष सत्र बुलाया गया लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला का अपमान किया है। इस अधिनियम को लेकर विपक्ष ने जो षड्यंत्र रचा है यह नारी समाज का अपमान है। कांग्रेस महिलाओं को लेकर दशकों से ऐसा षड्यंत्र रचती आ रही है। कांग्रेस और उनके सहयोगी पार्टियों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी और एनडीए जब तक है तब तक देश में महिलाएं सुरक्षित है, उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है। विधेयक के दौरान असुर की तरह हंसने वाले ये लोग नारी शक्ति का उपहास नहीं उड़ा रहे थे बल्कि ये दल अपने भविष्य पर हंस रहे थे। आज प्रधानमंत्री लखपति दीदी बना रहे हैं। सोचिए कभी इस प्रकार की योजना बनाने का ख्याल कभी कांग्रेस के मन में क्यों नहीं आया ? यह मोदी जी के मन में ही क्यों आया। क्योंकि नरेंद्र मोदी महिलाओं को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं कांग्रेस ने कभी गरीबों, एसटी एससी वर्गों की चिंता नहीं की उनके लिए सिर्फ अपना खानदान को सुरक्षित रखना है, यही उनका मुख्य उद्देश्य रहा है।

केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के 12 वर्षों की कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। महिलाएं जाग चुकी हैं। 2047 तक भारत आत्मनिर्भर बने, दुनिया का विकसित राष्ट्र बने, उसमें महिलाओं का उत्थान भी अहम योगदान निभा सकता है। महिलाओं को पुरुष के बराबर अवसर देने के उद्देश्य ही प्रधानमंत्री ने कदम उठाया है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ानी होगी, उनके साथ नाइंसाफी नहीं हो इसके लिए मोदी जी लगातार प्रयासरत रहे हैं। भारत की महिलाएं मोदी जी के साथ हैं। 12 वर्ष में मोदी जी ने महिलाओं का अटूट विश्वास हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां की सरकार महिला अत्याचार को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। 10000 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं घटी है। यह सरकार महिलाओं की इज्जत बचाने में नाकाम साबित हुई है। कांग्रेस के साथ जो भी दल रहती है वह महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकती है। दूसरी तरफ एनडीए की सरकार जब भी रही है तो महिलाओं के स्वाभिमान पर कभी आंच नहीं आने दिया गया है।

बिल नहीं गिरा बल्कि पूरा इंडी गठबंधन महिलाओं की नजर में गिरा : श्रेयसी सिंह

बिहार की पूर्व मंत्री सह बिहार से जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह कहा कि प्रधानमंत्री ने दो दिनों का स्पेशल सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पुनः पारित कराने का प्रयास किया लेकिन आधी आबादी का झूठा नारा लगाने वाले लोगों ने इस अधिनियम को कानून बनाने के लिए वोटिंग तक नहीं किया। यह वह लोग हैं जो महिलाओं को केवल दिग्भ्रमित करना चाहते हैं और ये विपक्ष के लोग आधी आबादी को सिर्फ नारों तक ही सीमित रखना चाहते हैं। ये नहीं चाहते हैं कि आधी आबादी की महिला सशक्तिकरण राजनीतिक भागीदारी में बदले, यह नहीं चाहते कि महिला आगे बढ़े।

श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि यह क्रेडिट लेने का विषय नहीं है। यह लोकतंत्र है। केवल बीजेपी या एनडीए की महिला ही चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि देश की सभी महिलाओं के लिए समान रूप से आरक्षण का लाभ मिलेगा। विपक्ष के लोग कुतर्क देकर इन लोगों ने वोटिंग से इनकार कर दिया। सिर्फ एक बिल नहीं गिरा बल्कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के जितने भी नेता थे भारत की महिलाओं की नजरों में गिर गए हैं। पिछली बार जब जनगणना हुआ था तब 55 करोड़ की आबादी थी आज वह 140 करोड़ के आसपास है। आज एक सांसद को 26 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करना पड़ रहा है। तो क्या आज परिसीमन की जरूरत नहीं है ? आज अगर विधेयक लागू होता तो महिलाओं का प्रतिनिधित्व निश्चित रूप से बढ़ता। विपक्ष के कुतर्क में कहीं कोई दम नहीं है। 2029 में यह विधेयक लागू नहीं हो इसका उन्होंने पूरा प्रयास किया। झारखंड में जुमलेबाजी वाली मईया योजना चलाई जा रही है, आप घर बैठकर महिलाओं को पैसा देते हैं लेकिन जब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ती हुई दिखती है तो झामुमो , कांग्रेस , राजद सहित विपक्ष के लोगों को यह हजम नहीं होता है। महिला अच्छी नेता बने, उनको प्रतिनिधित्व मिले, यह विपक्ष को गवारा नहीं है। इनका दोहरा चरित्र उजागर हो चुका है। झूठी नीतियों और नारेबाजी में विपक्ष के लोग आगे खड़े मिलते हैं लेकिन जब संवैधानिक रूप से अधिकार देने की बात आती है तो महिलाओं के खिलाफ वोटिंग करते हैं, ताली बजाते हैं, मुस्कुराते हैं। ऐसा लगता है कोई उत्साह और कोई त्यौहार मना रहे हैं। निश्चित रूप से उनके व्यवहार से देश की सारी महिलाएं आहत हुई है, इसका इन्हें खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा, रांची की महापौर रोशनी खलखो, प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, वरिष्ठ नेत्री सीमा शर्मा, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

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