Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा और मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश को कर्ज़, महंगाई और आर्थिक असमानता की गहरी खाई में धकेल दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच देश पर कुल कर्ज़ लगभग ₹205 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया, जो पहले की सरकारों की तुलना में कई गुना ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार कर्ज़ लेकर देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है और इसका बोझ आने वाली पीढ़ियों पर डाला जा रहा है।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मोदी सरकार ने “अच्छे दिनों” का सपना दिखाया था, लेकिन आज आम जनता महंगाई से त्रस्त है। वर्ष 2013 में जो परिवार ₹20,000 मासिक खर्च में घर चला लेता था, आज वही परिवार ₹50,000 से अधिक खर्च करने के बावजूद परेशान है। भाजपा सरकार के दौरान LPG गैस सिलेंडर ₹395 से बढ़कर ₹950+ हो गया, पेट्रोल ₹55 से बढ़कर ₹105-110 प्रति लीटर तक पहुंच गया, डीजल ₹45 से बढ़कर ₹90-95 प्रति लीटर हो गया। दूध ₹32 से बढ़कर ₹72 प्रति लीटर, दाल ₹70 से बढ़कर ₹170 प्रति किलो तथा खाद्य तेल ₹85 से बढ़कर ₹180 प्रति लीटर तक पहुंच गया। घरेलू खर्च में 150% से अधिक वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा सरकार ने पेट्रोल-डीजल को जनता को राहत देने का माध्यम बनाने के बजाय कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना दिया। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने केवल चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगाकर जनता से लगभग ₹10 लाख करोड़ वसूले। उन्होंने कहा कि मई 2014 में पेट्रोल पर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी ₹9.20 प्रति लीटर थी, जिसे बढ़ाकर लगभग ₹19.48 प्रति लीटर कर दिया गया, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹3.46 से बढ़ाकर ₹15.33 प्रति लीटर तक पहुंचा दी गई।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि वर्ष 2014-15 में पेट्रोलियम सेक्टर से केंद्र सरकार की कुल कमाई लगभग ₹1.72 लाख करोड़ थी, जो बाद के वर्षों में बढ़कर लगभग ₹4.92 लाख करोड़ तक पहुंच गई। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018-19 में केंद्र और राज्य सरकारों को पेट्रोलियम सेक्टर से कुल ₹5.95 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद मोदी सरकार ने जनता को राहत नहीं दी, बल्कि टैक्स बढ़ाकर लगातार मुनाफाखोरी की।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों का सबसे ज्यादा फायदा चुनिंदा पूंजीपतियों को मिला है, जबकि गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग लगातार आर्थिक संकट झेल रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार देश के सबसे अमीर 1% लोगों के पास लगभग 40% संपत्ति है, जबकि अमीर वर्ग के पास कुल संपत्ति का लगभग 65% हिस्सा केंद्रित हो चुका है। दूसरी ओर देश की 50% निम्न वर्गीय आबादी के पास कुल संपत्ति का मात्र 15% हिस्सा बचा है।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय बेरोजगारी बढ़ाई, किसानों की आय दोगुनी करने के बजाय खेती को संकट में डाला और महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब भाजपा के झूठे वादों और प्रचार की राजनीति को समझ चुकी है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ बनकर महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेगी।

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