Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में लघु जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बिहार में भू-जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन एवं सतत् उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही भू-गर्भ जल पॉलिसी तैयार करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर भू-जल प्रबंधन के लिए एक सुदृढ़ एवं प्रभावी संस्थागत ढांचा विकसित करें। बैठक में लघु जल संसाधन विभाग के सचिव  बी० कार्तिकेय धनजी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं प्रस्तावित नीतिगत पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती जल आवश्यकताओं एवं भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भू-जल के संरक्षण एवं विनियमन के लिए ‘बिहार भू-जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम-2026’ लाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। इससे भू-जल के अनियंत्रित दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा तथा जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल नई परियोजनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि पहले से निर्मित संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों का बेहतर रखरखाव और प्रभावी प्रबंधन भी होना चाहिए। विभाग ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करे, जिसमें वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण एवं जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिले। भू-जल स्तर में सुधार के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपायों को अपनाया जाए। राज्य के जल संसाधनों की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी० कार्तिकेय धनजी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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