Ranchi: मुहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा मौलाना तहजीबुल हसन के नेतृत्व में जाफरिया मस्जिद से निकाले गए पारंपरिक मातमी जुलूस में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे, सेंट्रल मोहर्रम कमेटी रांची के महासचिव अकील उर रहमान तथा पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गुलाम सरवर रिजवी शामिल हुए। सभी नेताओं ने जुलूस के साथ पैदल चलते हुए काली मंदिर चौक तक पहुंचकर आयोजित शहादत सभा में भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन की शहादत अन्याय, अत्याचार और जुल्म के विरुद्ध मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है। उनका संघर्ष, त्याग और सर्वोच्च बलिदान पूरी दुनिया को यह संदेश देता है कि सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए हर अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ा होना ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि मुहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, साहस, धैर्य, त्याग और मानवता के मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि रांची की अमनपसंद जनता ने एक बार फिर आपसी भाईचारे, गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है। यहां सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सम्मानपूर्वक भाग लेकर सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करते हैं। यही रांची और झारखंड की पहचान है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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