Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा एमएमडीआर संशोधन अधिनियम पर दिए गए बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाया गया यह कानून राज्य के अधिकारों पर डाका डालने और झारखंड की खनिज संपदा को चंद उद्योगपति मित्रों को सौंपने की सोची-समझी रणनीति है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का यह कहना कि एमएमडीआर संशोधन अधिनियम राज्य हित में है, झारखंड की जनता के साथ सीधा धोखा है। सच्चाई यह है कि यह संशोधन कानून राज्य सरकार के राजस्व और वित्तीय स्वायत्तता पर सीधा हमला है। 11,000 करोड़ रुपये के बकाया उपकर और राज्य के वैध अधिकारों का बचाव करना अगर भाजपा की नजर में छटपटाहट है, तो कांग्रेस और झामुमो गठबंधन ऐसी लड़ाई झारखंड के पौने चार करोड़ लोगों के हक के लिए बार-बार लड़ेगा।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन का असली उद्देश्य राज्यों को उनके खनिजों पर मिलने वाले वैधानिक अधिकारों और सेस वसूली की शक्तियों को सीमित करना है, जिससे झारखंड के करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होगा।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि रघुवर दास और भाजपा की केंद्र सरकार हमेशा स्थानीय निवासियों, आदिवासियों और मूलवासियों के हितों को ताक पर रखकर केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों और पूंजीपतियों की वित्तीय मदद करने के लिए नीतियां बनाती आई हैं। रघुवर दास अपने कार्यकाल के दौरान राज्य में हुए विभिन्न घोटालों और वित्तीय कुप्रबंधन को भूल गए हैं। डीएमएफटी फंड और खनिज विकास पर उपदेश देने से पहले उन्हें अपने शासनकाल के काले पन्नों को देखना चाहिए।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार पर झारखंड का कोयला बकाया और विभिन्न मदों का 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है, जिसे मांगने पर भाजपा नेता इसे भ्रम का नाम देकर असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
