
Ranchi: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट, समर्पित एवं अतुलनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के सम्मान में पब्लिक स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) की ओर से आगामी 13 सितंबर 2026 को भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में राज्यभर के शिक्षकों, प्राचार्यों एवं विद्यालय निदेशकों की सहभागिता रहेगी।
पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाले सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। वे केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। ऐसे समर्पित एवं कर्मठ शिक्षकों को सम्मानित करना समाज और संस्था दोनों के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर उनके आदर्शों और शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेते हुए शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। समारोह को इस वर्ष और अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

आलोक कुमार दूबे ने बताया कि समारोह में राज्य के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षक, सरकारी विद्यालयों के शिक्षक तथा निजी विद्यालयों के शिक्षक, प्राचार्य एवं निदेशक को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पासवा के मुख्य संरक्षक डॉ. रामेश्वर उरांव के मार्गदर्शन में समारोह की तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में राज्यभर से शिक्षकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पासवा की ओर से विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि पासवा का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेगा।
पासवा अध्यक्ष ने कहा कि समारोह में अधिक से अधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से राज्यभर के शिक्षक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे इस सम्मान समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक किसी भी राष्ट्र की बुनियाद होते हैं। उनके सम्मान का अर्थ आने वाली पीढ़ियों और बेहतर समाज के निर्माण का सम्मान है। पासवा का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को मंच देना है, जिन्होंने अपने ज्ञान, समर्पण और सेवाभाव से हजारों विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा दी है।
