Ranchi: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने एमएमडीआर संशोधन कानून 2026 को झारखंड के आर्थिक अधिकारों और भविष्य पर गंभीर हमला बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड को बर्बाद करने पर तुली हुई है। जिस राज्य की धरती ने देश के औद्योगिक विकास में सबसे बड़ा योगदान दिया, आज उसी झारखंड के खनिज संसाधनों और राजस्व अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू के मार्गदर्शन में कांग्रेस पार्टी इस कानून का मजबूती और पूरी ताकत के साथ व्यापक विरोध करेगी। पार्टी इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे झारखंड के अधिकार और जनता के भविष्य की लड़ाई बनाएगी। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद आगामी 7 सितंबर को कांग्रेस पार्टी महामहिम राज्यपाल के समक्ष विशाल रैली एवं प्रदर्शन करेगी। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों, एमएमडीआर संशोधन कानून और झारखंड के खनिज अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ पार्टी अपनी आवाज बुलंद करेगी।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू विभिन्न सांगठनिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कल रांची पहुंच रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान वे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे तथा खनिज अधिनियम कानून के खिलाफ चलाए जाने वाले आंदोलन की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। झारखंड की खनिज संपदा केवल दिल्ली के फैसलों का विषय नहीं है, बल्कि यह झारखंड की जनता के अधिकार, रोजगार, विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड ने दशकों से देश को कोयला, लौह अयस्क और अन्य बहुमूल्य खनिज दिए हैं। खनिज संपदा के दोहन का खामियाजा झारखंड के गांवों, जंगलों और विस्थापित परिवारों ने भुगता है। ऐसे में यदि खनिज से मिलने वाले राजस्व और राज्य के अधिकारों को भी कमजोर किया जाता है तो यह झारखंड के साथ दोहरा अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जब झारखंड की धरती से खनिज निकलेगा तो उसके राजस्व और अधिकारों पर पहला हक झारखंड की जनता का क्यों नहीं होना चाहिए? भाजपा को यह बताना होगा कि खनिज संपदा से समृद्ध राज्य आज भी बेरोजगारी, विस्थापन और पिछड़ेपन से क्यों जूझ रहा है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस जल, जंगल, जमीन और खनिज पर झारखंड के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू के मार्गदर्शन में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव से लेकर जिला मुख्यालय और राजधानी तक इस कानून के खिलाफ जनमत तैयार करेंगे। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है। भाजपा झारखंड को कमजोर करने की जितनी कोशिश करेगी, कांग्रेस उतनी ही ताकत के साथ उसके खिलाफ खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस का आंदोलन और व्यापक एवं निर्णायक होगा और 7 सितंबर का राजभवन के समक्ष प्रदर्शन केंद्र सरकार को झारखंड की जनता की आवाज सुनाने का बड़ा संदेश देगा।

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