Ranchi: करम पर्व की पूर्व संध्या पर ओरमांझी प्रखंड के भेलवा टोली अखड़ा, देवी मड़ई बरवे एवं हेसाहातू अखड़ा में करम पर्व के भव्य आयोजन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर अखड़ा समितियों के बीच मांदर का वितरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे उपस्थित रहे।

करम पर्व को लेकर डॉ. रामेश्वर उरांव लगातार विभिन्न अखड़ों में वाद्य यंत्र मांदर का वितरण कर रहे हैं। उनका उद्देश्य आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन से जोड़े रखना तथा आने वाली पीढ़ियों में अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति गौरव की भावना पैदा करना है।
विभिन्न अखड़ों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला-पुरुषों को संबोधित करते हुए डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमें मातृप्रधान समाज की भावना को मजबूत बनाए रखना है। आदिवासी समाज में महिलाओं की प्रधानता रही है और यहां महिलाओं का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति से गहरा संबंध है। करम, साल, कुसुम और बैर जैसे पेड़-पौधे हमारी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इन्हीं के नाम पर हमारे मोहल्लों और लोगों के नाम तक रखे जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भाषा, संस्कृति और परंपरा को कभी नहीं छोड़ना है तथा अपनी जमीन को बचाकर रखना है। पुरखों से मिली जमीन को बेचने का हमें कोई अधिकार नहीं है। यह जमीन हमें अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को सौंपनी है। उन्होंने कहा कि अपनी पहचान, इंसानियत और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
करम पर्व की बधाई देते हुए डॉ. उरांव ने कहा कि करम पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। मांदर की थाप और अखड़े की उमंग हमारी परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखती है।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आज पूरा देश और पूरी दुनिया आदिवासी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है, क्योंकि आदिवासी समाज का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव है और उसकी जीवनशैली सहज, सरल एवं निश्चल है। उन्होंने कहा कि डॉ. रामेश्वर उरांव जब राज्य के वित्त मंत्री थे, तब से ही उन्होंने पूरे राज्य में वाद्य यंत्रों को बढ़ावा देने, अखड़ों के निर्माण एवं सामुदायिक भवनों के निर्माण की दिशा में लगातार काम किया, ताकि आदिवासी समाज अपनी पहचान और संस्कृति को मजबूती से बनाए रख सके।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि करम महोत्सव भाई-बहन के प्रेम, सामाजिक एकजुटता और हमारी समृद्ध संस्कृति से जुड़ाव का पर्व है। इसे पूरे उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश उरांव ने किया। उन्होंने बताया कि लगभग आठ अखड़ों में 10 मांदर का वितरण किया गया। मांदर मिलने के बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से मांदर की थाप पर नृत्य प्रस्तुत कर करम पर्व की खुशी साझा की। इस अवसर पर रमेश उरांव ने अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष तुलसी खरवार,सुरेश साहू, मुखिया अनीता लिंडा, पंचायत सदस्य संगीता देवी, जगमोहन मुंडा, सोनिया देवी, वार्ड सदस्य जग्गू उरांव, पाहन सुनीता टोप्पो, सुखराम उरांव, अशोक मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।
