Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार के बयानों को आड़े हाथों लेते हुए करारा पलटवार किया है। लाल किशोर शाहदेव ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की दुहाई देने का नाटक बंद करे। असलियत यह है कि बीजेपी खुद देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपना राजनीतिक हथियार बनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस या राहुल गांधी लोकतंत्र पर हमला नहीं कर रहे, बल्कि राहुल गांधी देश के करोड़ों मतदाताओं के हक की आवाज उठा रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर देश भर में करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब किए जा रहे हैं। जब विपक्ष इस पर निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग करता है, तो बीजेपी को मिर्च क्यों लगती है?
केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए लाल किशोर शाहदेव ने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाना कोई मामूली प्रक्रिया नहीं है। बीजेपी सफाई देने के बजाय यह बताए कि इतने बड़े पैमाने पर बिना उचित सत्यापन और नोटिस के आम नागरिकों, गरीबों, वंचितों और विपक्ष के समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से क्यों गायब हो रहे हैं?
हार का ठीकरा फोड़ने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि बीजेपी 2014 से 2025 तक के चुनाव हारने का हिसाब गिनवा रही है, लेकिन वह यह भूल रही है कि झारखंड की जनता ने उनके झूठ और जुमलों को नकार कर झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को स्पष्ट जनादेश दिया है। जब बीजेपी चुनाव हारती है तो जनता के जनादेश का अपमान करती है और जब प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो केंद्रीय मंत्रियों को आगे कर अनर्गल बयानबाजी करवाती है।
सुकांत मजूमदार द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि राहुल गांधी ने सड़क से लेकर संसद तक जनता की आवाज उठाई है। बीजेपी नेता उनका नाम लेने से पहले सोचें। राहुल गांधी लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं और वोट की चोरी रोकना हर भारतीय नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डॉ. सुकांत मजूमदार देश के शिक्षा राज्य मंत्री हैं, लेकिन उन्हें देश की शिक्षा व्यवस्था, गिरते शैक्षणिक स्तर और छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। वे केवल बीजेपी के प्रवक्ता बनकर विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाने और राजनीति करने में व्यस्त हैं।
