Ranchi:झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने 23 फरवरी को एक ही दिन नगर निकाय चुनाव तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक बोर्ड) द्वारा बोर्ड परीक्षा आयोजित किए जाने पर गहरी चिंता और आपत्ति व्यक्त की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से अव्यावहारिक, असंवेदनशील और छात्रों के भविष्य के प्रति लापरवाह रवैये को दर्शाता है। एक ओर जहाँ नगर निकाय चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक आयोजन के लिए प्रशासनिक अमला, शिक्षक, विद्यालय भवन, परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा बलों की आवश्यकता होती है, वहीं दूसरी ओर उसी दिन बोर्ड परीक्षा का आयोजन छात्रों के लिए गंभीर असमंजस और मानसिक दबाव की स्थिति उत्पन्न करता है।
अजय राय ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी संख्या में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, विद्यालयों का परीक्षा केंद्र के रूप में उपयोग, प्रशासनिक निगरानी, यातायात नियंत्रण तथा सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है। वहीं चुनाव के दिन भी यही संसाधन निर्वाचन आयोग द्वारा उपयोग में लाए जाते हैं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि
एक ही दिन दोनों व्यवस्थाएँ कैसे सुचारु रूप से संचालित होंगी?
छात्रों की समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुँच कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
यदि शिक्षक और विद्यालय चुनाव ड्यूटी में लगे होंगे तो परीक्षा की निष्पक्षता और गुणवत्ता कैसे बनी रहेगी?
उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड परीक्षा छात्रों के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जो उनके करियर और भविष्य की दिशा तय करती है, जबकि नगर निकाय चुनाव की तिथि में प्रशासनिक स्तर पर संशोधन संभव है। ऐसे में छात्रों पर इसका बोझ डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन की ओर से राज्य सरकार, झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक बोर्ड) एवं राज्य निर्वाचन आयोग से यह स्पष्ट मांग की जाती है कि, या तो नगर निकाय चुनाव की तिथि बदली जाए,या फिर बोर्ड परीक्षा की तिथि में अविलंब संशोधन किया जाए,ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की मानसिक, शैक्षणिक या प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
अंत में अजय राय ने कहा कि यदि समय रहते इस गंभीर विषय पर निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा नुकसान छात्रों को होगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन इस मुद्दे पर अभिभावकों की आवाज बनकर हर लोकतांत्रिक और संवैधानिक मंच पर बात उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
