Ranchi: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष  अजय राय ने झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड  एवं उसकी अनुषंगी कंपनियों — JBVNL,JUSNL तथा JUUNL अब तक बोर्ड की बैठक आयोजित नहीं की गई है, जबकि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 173(1) के अनुसार प्रत्येक चार माह में कम से कम एक बैठक अनिवार्य है। यह न केवल विधिक दायित्व है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन की बुनियादी शर्त भी है। बैठक नहीं होने से दर्जनों महत्वपूर्ण एजेंडे लंबित हैं, जिनमें वितरण, संचरण और उत्पादन से जुड़े नीतिगत एवं वित्तीय निर्णय शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यदि समय पर बोर्ड बैठक नहीं होती है तो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माना तथा कंपनी के निर्णयों की वैधता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। इससे न केवल निगम की प्रतिष्ठा प्रभावित होगी, बल्कि राज्य की विद्युत व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

अजय राय ने सरकार एवं प्रबंधन से मांग की है कि 9 मार्च 2026 को प्रस्तावित बोर्ड बैठक हर हाल में आयोजित की जाए तथा लंबित एजेंडों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के विकास की रीढ़ है और इसमें प्रशासनिक शिथिलता कतई स्वीकार्य नहीं है।
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र बैठक नहीं बुलाई गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होगा।

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