Ranchi: रजरप्पा मंदिर में हुई घटना को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे आरोपों पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर घटना को धार्मिक रंग देकर समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
रजरप्पा मंदिर की घटना को लेकर एसपी द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि झारखंड में कानून का राज है और सरकार किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करती। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने त्वरित कदम उठाकर यह संदेश दिया है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे में भाजपा को इस घटना को धार्मिक रंग देकर राजनीति करने के बजाय सच्चाई सामने आने का इंतजार करना चाहिए।
आलोक कुमार दुबे ने कहा कि रजरप्पा मंदिर झारखंड की आस्था का केंद्र है और वहां आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच होना चाहिए, लेकिन बिना पूरी सच्चाई जाने उसे हिंदू विरोधी बताकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करना गलत है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को हिंदू धर्म की चिंता कम और राजनीति की चिंता ज्यादा है। जब-जब चुनाव या राजनीतिक संकट आता है, भाजपा इसी तरह के मुद्दों को उठाकर समाज को बांटने का प्रयास करती है।
आलोक दुबे ने स्पष्ट कहा कि झारखंड में कानून का राज है और यदि किसी भी अधिकारी या व्यक्ति द्वारा गलत व्यवहार किया गया है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करना और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अनावश्यक आरोप लगाना पूरी तरह से अनुचित है।
उन्होंने भाजपा से अपील की कि वह झारखंड के विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर रचनात्मक राजनीति करे, न कि धार्मिक भावनाओं को भड़काकर सस्ती राजनीति करने का प्रयास करे।
