Ranchi:भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “तू इधर-उधर की बात ना कर, यह बता कारवां किसने लूटा। देश में गैस आपूर्ति की व्यवस्था संभालने में केंद्र सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है और भाजपा नेता जनता से झूठ बोलकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।” आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को राज्य सरकार और मंत्रियों पर बयान देने से पहले यह बताना चाहिए कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई, रसोई गैस की कीमतों में भारी वृद्धि और आपूर्ति की समस्या के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम और गैस की आपूर्ति पूरी तरह केंद्र सरकार के अधीन है, फिर भी भाजपा के नेता राज्य सरकार पर दोष मढ़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता राजनीतिक नौटंकी कर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहते हैं। आज देश में आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता महंगाई, बेरोजगारी और रसोई गैस की बढ़ती कीमतें हैं, लेकिन भाजपा इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड की जनता सब कुछ समझ रही है और भाजपा की इस भ्रामक राजनीति से दिग्भ्रमित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में काम कर रही है और हर स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है। उन्होंने भाजपा नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में जनता की चिंता है तो वे केंद्र सरकार से महंगाई कम कराने, गैस सिलेंडर की कीमत घटाने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए दबाव डालें, न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी करें।

वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त को लेकर भाजपा के बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि किसानों के नाम पर श्रेय लेने की राजनीति करना भाजपा की पुरानी आदत बन चुकी है। 6 हजार रुपये सालाना की राशि से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है। आज खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन भाजपा के नेता इन वास्तविक समस्याओं पर चुप्पी साधे हुए हैं और केवल प्रचार की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया था, वह अब तक क्यों पूरा नहीं हुआ। देश के किसान आज भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय लेने से बच रही है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के हितों के साथ खड़ी रही है और आगे भी किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल सम्मान निधि की छोटी राशि देकर भाजपा अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और खेती के लिए बेहतर सुविधाएं देना ही असली किसान सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को किसानों के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को कोई खैरात नहीं दी है। यह देश के किसानों का अधिकार है, जिसे भाजपा उपकार बताकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि आज भी झारखंड के कोयले का लगभग 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार के पास बकाया है। इसके अलावा वित्त आयोग के तहत राज्यों को मिलने वाला वैधानिक हिस्सा भी समय पर नहीं दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के संसाधनों से देश की अर्थव्यवस्था चलती है, लेकिन जब राज्य के हिस्से की बात आती है तो केंद्र सरकार टालमटोल की नीति अपनाती है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को किसानों और झारखंड की जनता को गुमराह करने के बजाय सच्चाई बतानी चाहिए। यदि केंद्र सरकार वास्तव में किसानों और राज्यों के विकास को लेकर गंभीर है, तो सबसे पहले झारखंड का बकाया पैसा लौटाए और राज्यों को उनका संवैधानिक अधिकार दे।

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