Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित, बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया है। उन्होंने कहा कि लातेहार के मनिका की घटना को लेकर जिस तरह से विपक्ष पूरी सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, वह सिर्फ और सिर्फ उनकी राजनीतिक हताशा और हेडलाइन मैनेजमेंट की छटपटाहट को दर्शाता है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि लातेहार के मनिका में दवाइयां फेंके जाने की जो बात सामने आई है, सरकार ने उसे बेहद गंभीरता से लिया है। मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन जांच की रिपोर्ट आने से पहले ही बाबूलाल मरांडी ने खुद को जज घोषित कर दिया और सरकार पर उंगली उठाने लगे। यह उनकी परिपक्व राजनीति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाती है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि अगर स्थानीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही से दवाइयां वहां पहुंची हैं, तो उन्हें कतई बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी। लेकिन भाजपा इस संवेदनशील मसले पर मगरमच्छ के आंसू बहाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना बंद करे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बचाव करते हुए लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है, वे लगातार राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित कर रहे हैं और व्यवस्था को सुधारने के लिए दिन-रात जमीन पर काम कर रहे हैं। भाजपा को उनका यह सक्रिय अंदाज पच नहीं रहा है, इसलिए वे रील्स और कैमरों का बहाना बनाकर उन पर निजी हमले कर रहे हैं।
केस-मुकदमे और डराने के आरोप पर लाल किशोर नाथ शाहदेव ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी की बात वो भाजपा न करे, जिसने पूरे देश में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और मुकदमों का जाल बिछा रखा है। झारखंड में हमारी सरकार पूरी तरह लोकतांत्रिक है। यहां सवाल पूछने की आजादी है, लेकिन अफवाह फैलाने, आधी-अधूरी सच्चाई के जरिए जनता को गुमराह करने और सरकार की छवि खराब करने की साजिश की इजाजत कानून किसी को नहीं देता।
