Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा है कि देश आज गंभीर सवालों के दौर से गुजर रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है। देश की सुरक्षा से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण तेजस प्रोजेक्ट में 199 फर्जी टेस्ट रिपोर्ट जमा किए जाने का मामला बेहद चिंताजनक और देशहित के खिलाफ है। यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। देश जानना चाहता है कि इतने बड़े फर्जीवाड़े के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई हुई और केंद्र सरकार इस मामले पर मौन क्यों है।
आलोक दूबे ने कहा कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी मोदी सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। तीन भारतीयों की मौत जैसे गंभीर मामले पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक शब्द तक नहीं बोलना सरकार की कमजोर कूटनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कोलकाता के अलीपुर स्थित सरकारी भवन में लगभग 4,000 ईवीएम का आग में जलकर खाक हो जाना भी साधारण घटना नहीं माना जा सकता। पश्चिम बंगाल में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी भीषण आग कैसे लगी, सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हजारों ईवीएम आग की चपेट में कैसे आ गईं? भाजपा और संबंधित एजेंसियों को देश के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
आलोक दूबे ने दिल्ली के गोविंदपुरी अग्निकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि आग लगने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हुई है तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि राजधानी दिल्ली में लगातार आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार केवल जांच समितियां बनाकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर आलोचना का जवाब राष्ट्रवाद के नारों से देती है, लेकिन जब देश की सुरक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और आम नागरिकों की जान की बात आती है तब उसकी चुप्पी सब कुछ बयां कर देती है। आज देश को भाषण नहीं बल्कि जवाब चाहिए।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं को पंडित जवाहरलाल नेहरू से अपने 12 वर्षों की तुलना करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।इतिहास गवाह है कि राष्ट्र निर्माण संस्थाओं से होता है, प्रचार से नहीं। जैसा कि कहावत है— “खाली बर्तन ज्यादा बजता है।” आज देश की जनता प्रचार और वास्तविकता का अंतर समझ चुकी है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को देश के सामने जवाब देना होगा कि आखिर राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और नागरिक सुरक्षा से जुड़े इतने गंभीर मामलों पर उसकी जवाबदेही कब तय होगी।
