Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने झारखंड की जनसांख्यिकीय स्थिति और आदिवासी समाज को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक एवं राजनीतिक बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठन राज्य में भय, भ्रम और सामाजिक विभाजन का माहौल बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी संस्कृति, सामाजिक समरसता और विविधता में निहित है। राज्य के गठन का उद्देश्य जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ सभी वर्गों के सम्मानजनक विकास को सुनिश्चित करना था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़कर समाज में अविश्वास और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और जमीन की सुरक्षा के लिए संविधान, सीएनटी और एसपीटी जैसे मजबूत कानून मौजूद हैं। यदि कहीं किसी प्रकार की अनियमितता, अवैध कब्जे या कानून के उल्लंघन की शिकायत है तो उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरे राज्य में डर और असुरक्षा का वातावरण बनाना किसी भी तरह उचित नहीं है।
दूबे ने कहा कि भाजपा को आदिवासियों की चिंता आज नहीं, बल्कि तब करनी चाहिए थी जब उसके शासनकाल में बेरोजगारी बढ़ी, विकास कार्य प्रभावित हुए और हजारों युवाओं को रोजगार की तलाश में राज्य से बाहर जाना पड़ा। आज जब हेमंत सोरेन सरकार आदिवासी, दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है, तब विपक्ष जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और संवैधानिक संरक्षण के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। झारखंड को नफरत और विभाजन की राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और विकास की आवश्यकता है।
आलोक कुमार दूबे ने राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे समाज को बांटने वाले भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और झारखंड की एकता, भाईचारे तथा विकास की भावना को मजबूत करें।
