Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बालू खनन संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। आज जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उनके कार्यकाल में ही झारखंड में खनिज संसाधनों की सबसे अधिक लूट हुई और अवैध खनन को संरक्षण मिलने के आरोप लगातार लगते रहे।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। राज्यभर में समय-समय पर अवैध बालू, पत्थर और कोयला खनन के खिलाफ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाए गए हैं, जिनमें सैकड़ों एफआईआर दर्ज हुईं, बड़ी संख्या में वाहन जब्त किए गए और करोड़ों रुपये का जुर्माना एवं राजस्व वसूला गया। यही कारण है कि अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार कार्रवाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि एनजीटी के निर्देशों का पालन कराना सरकार की प्राथमिकता है। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन कार्रवाई कर रहे हैं और भविष्य में भी किसी को बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी एक-दो घटना के आधार पर पूरे तंत्र पर सवाल उठाना केवल राजनीतिक बयानबाजी है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि उसके शासनकाल में अवैध खनन, खनिज तस्करी और राजस्व क्षति के कितने मामलों में प्रभावी कार्रवाई हुई थी। आज जब गठबंधन सरकार कार्रवाई कर रही है तो भाजपा को उसमें भी राजनीति दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने खनन गतिविधियों की निगरानी को मजबूत किया है, जिला स्तरीय टास्क फोर्स सक्रिय हैं और अवैध परिवहन रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार पर्यावरण संरक्षण और राजस्व सुरक्षा—दोनों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की गठबंधन सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है और अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
